पीजीआईएमएस रोहतक
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पीजीआईएमएस रोहतक में एमबीबीएस की 250 सीटें
रोहतक जिले में अनुमानित 20 हजार से अधिक विद्यार्थी हरियाणा व सीबीएसई बोर्ड से 12वीं की परीक्षा देते हैं। इसमें से साइंस के दो से तीन हजार विद्यार्थी होते हैं। मेडिकल शिक्षा का हब कहे जाने वाले रोहतक में पीजीआईएमएस में एमबीबीएस की 250 सीट, बाबा मस्तनाथ आयुर्वेद विवि में बीएएमएस की 60 सीट व पीजीआईडीएस में बीडीएस की 100 सीट हैं। इसके चलते अधिकांश विद्यार्थी हर साल विदेश में अपनी मेडिकल शिक्षा के लिए जाने को मजबूर हैं।
देश प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की कमी है। मुख्यमंत्री ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। जिले ऐसा नहीं है। यह भी एक कोरी घोषणा बनकर रह गई। अब यूक्रेन से बच्चे वापस आए हैं, सरकार को चाहिए कि इनको प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में जगह मिले और इनको यही सेट किया जाए ताकि ये अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। - भारत भूषण बतरा, विधायक, रोहतक
महेंद्रगढ़ शिक्षा का हब पर मेडिकल कॉलेज नहीं
महेंद्रगढ़ जिला प्रदेश में शिक्षा का हब माना जाता है, लेकिन मेडिकल कॉलेज नहीं होने से छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ता है। शिक्षाविद राजेंद्र यादव ने बताया कि जिले से प्रति वर्ष 1500 से अधिक विद्यार्थी नीट क्वालीफाई करते हैं जिनमें 100 विद्यार्थियों को सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल पाता है। औसतन 100 विद्यार्थी प्रति वर्ष यूक्रेन, रूस, चीन, यूएसएस, आस्ट्रेलिया आदि देशों में मेडिकल पढ़ाई के लिए जाते हैं। वहीं रेवाड़ी में कोई मेडिकल कॉलेज नहीं है। सूत्रों के अनुसार मेडिकल के विद्यार्थी आसपास के शहरों व विदेशों में पढ़ाई कर रहे है। इसके अलावा जिले में विज्ञान संकाय में करीब 1037 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।