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Jind: 100 MM बारिश से जलमग्न हुआ जींद, राहत तो कहीं आफत बना बारिश का पानी, दीवार गिरने से किसान की मौत

Thu, 21 Jul 2022 10:13 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

बारिश से जिले में निकासी के दावों की पोल खुल रही, जिले में सबसे अधिक जुलाना में 158 एमएम बारिश हुई।
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जींद में तेज बारिश के कारण हुआ जलभराव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा के जींद जिले में बुधवार रात से शुरू हुई बारिश गुरुवार दोपहर 12 बजे तक रुक-रुक कर होती रही। जिले में औसतन 100 एमएम बारिश हुई। जुलाना में सबसे अधिक 158 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण पूरे जिले में पानी ही पानी दिखाई दे रहा था।

जींद शहर में हर गली व हर सड़क पर कई-कई फुट पानी खड़ा हो गया। डीसी कैंप ऑफिस से लेकर एडीसी निवास तक में पानी घुस गया। भारी बारिश के चलते खेत, खलिहान तालाब बन गए। वहीं गांव के तालाब ओवरफ्लो हो गए और घरों में पानी घुस गया। खेतों में बारिश का पानी जमा होने के कारण कपास की फसल पर खतरा मंडराने लगा है। कुछ जगह धान की फसल में पानी डूब गई तथा कुछ जगह डूबने के कगार पर पहुंच गई। 

गुरुवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया।  मौसम में आद्रता 74 प्रतिशत तथा जबकि हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। जिले में गुरुवार को औसतन 99.85 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई। बरसाती पानी की निकासी के लिए प्रशासनिक अमला लगातार दौड़ता रहा। कुछ स्थानों पर शाम तक भी हालात सामान्य नहीं हो पाए।
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डूब गया अर्जुन स्टेडियम। अर्जुन स्टेडियम में भरा पांच फुट पानी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान मौसम परिवर्तनशील रहने के साथ आकाश में बादल छाने से औसत से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। तेज बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। इस कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

शहर की बाहरी बस्तियों में तो बरसाती पानी घुसा ही। साथ ही शहर की पॉश कॉलोनियां भी तरण ताल बन गई। इसमें सरकारी कार्यालय भी अछूते नहीं रहे। शहर के नरवाना रोड, पटियाला चौक, पुरानी सब्जी मंडी, बत्तख चौक, रामराये गेट, रानी तालाब, गोहाना रोड, भिवानी रोड, नई सब्जी मंडी रोड, पुरानी सब्जी मंडी रोड समेत शहर का कोई भी मार्ग ऐसा नहीं बचा, जहां बरसाती पानी जमा नहीं हुआ हो।

स्कीम नंबर पांच, छह, अर्बन एस्टेट, हाउसिंग बोर्ड, डिफेंस कॉलोनी में भी बरसाती पानी जमा हो गया। जहां पर बच्चे तैरते हुए नजर आए। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का कार्यालय तथा रोडवेज वर्कशॉप पानी से लबालब भर गई। वहीं लघु सचिवालय परिसर तथा नागरिक अस्पताल परिसर भी बारिश के पानी से भर गया। 
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रोडवेज वर्कशाप के अंदर भरे पानी के बीच खड़ी बस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कहां-कितनी बारिश हुई
स्थान        मात्रा (एमएम में) 
  • जींद          143 
  • नरवाना        97
  • सफीदों        58 
  • जुलाना        158 
  • उचाना         85 
  • पिल्लूखेड़ा    47   
  • अलेवा         111

पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश ने बताया कि 25 जुलाई तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान आकाश में बादल छाए रहने के साथ बारिश होने की संभावना है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि नरमा फसल में पानी को न खड़ा होने दें। मौसम को देखते हुए लगातार फसलों पर नजर बनाए रखें।

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बिघाना के राजकीय प्राथमिक स्कूल में भरा बरसात का पानी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गर्मी से राहत, मौसम हुआ खुशगवार 
सफीदों क्षेत्र में गुरुवार को दिनभर हुई बरसात ने क्षेत्र में मौसम को खुशगवार कर दिया। अल सुबह ही हल्की-हल्की बारिश शुरू हो गई थी। बारिश ने दिनभर में कई बार जोर पकड़ा, लेकिन हल्की-हल्की बारिश सारा दिन जारी रही।इस बारिश ने गर्मी व उमस से तंग आए लोगों को काफी राहत प्रदान की। वहीं खेतों में भी इस बारिश का काफी फायदा आंका जा रहा है। इस बारिश से जहां राहत प्रदान हुई वहीं लोगों को समस्याओं से भी दो-चार होना पड़ा। निचले इलाकों व टूटे हुए मार्गों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। लोगों ने प्रशासन से नगर की निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की है। 
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अर्बन इस्टेट की गलियों ने लिया तालाब का रुप। गलियों में भरे पानी में नहाते बच्चे। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राजकीय प्राथमिक पाठशाला बिघाना में घुसा बरसात का पानी
अलेवा। राजकीय प्राथमिक पाठशाला बिघाना में बारिश के कारण और स्कूल के साथ लगते मोहल्ले का पानी भी स्कूल के अंदर घुस गया। इस कारण स्कूल के अंदर तथा मैदान में चारों तरफ पानी ही पानी हो गया। स्कूल में अब नौनिहालों के बैठने के लिए जगह नहीं बची। इसी कारण स्कूल में छुट्टी कर दी गई। ग्रामीणों तेजभान, मुकेश, सूरज, विकास, बिमला व चमेली ने कहा कि हर बार बारिश के कारण स्कूल की छुट्टी हो जाती हैं। उन्हें डर है कि कई-कई दिनों तक खड़े पानी के कारण उनके बच्चे बीमार नहीं हो जाएं। 
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उचाना के प्रमुख डाकघर रोड पर भरा बारिश का पानी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उचाना में नेशनल हाईवे भी बारिश के कारण बना तालाब
उचाना। गुरुवार सुबह जब लोगों की आंखें खुली तो बारिश हो रही थी। घरों से बाहर लोग निकले तो गली, मोहल्लों, बाजारों में पानी बारिश का था। कई कॉलोनियों, बाजरों में तो दुकानों तक में बारिश का पानी भर गया। तेज बारिश के चलते पानी निकासी के सभी इंतजाम फेल नजर आए। शहर, गांव, खेत हर जगह बारिश का पानी ही पानी नजर आ रहा था। उचाना के बीच से गुजर रहा नेशनल हाईवे बरसात के पानी के कारण तालाब नजर आ रहा था। काकड़ोद, छातर, बुडायन, भौंगरा, घसो, करसिंधु समेत ऐसा कोई गांव नहीं जहां, खेतों में बारिश का पानी नहीं भरा हो। कई गांवों में तो खेतों से पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर भर गया। लितानी रोड, रेलवे रोड, डाकघर रोड, पुरानी अनाज मंडी, राजेंद्रा कालोनी में बारिश का पानी दुकानों, मकानों में भर गया। अनाज मंडी का महाराज अग्रसेन चौक की तरफ का गेट बंद करना पड़ा तो पुलिस चौकी की तरफ गेट के पास रेहड़ी दुकानदारों ने खड़ी कर दी ताकि मंडी से वाहन नहीं जाए। 

सड़क का लेबल ऊंचा होने से भरा प्राइवेट अस्पताल, दुकानों में पानी
नए बस स्टैंड से रेलवे फाटक से आगे तक बने सीसी की सड़क का लेबल काफी जगह दुकानों से ऊंचा होने के चलते दुकानों में पानी भरा। यहां पर राजेंद्र अस्पताल में मरीजों के वार्ड, डॉक्टर के रूम में पानी भर गया। डॉ. राजेंद्र, सुरेश, बलजीत ने कहा कि जब सड़क का निर्माण हो रहा था तो उस समय भी मांग की थी इसका लेबल कम किया जाए। लेबल कम बार-बार मांग के बाद भी नहीं किया गया। अब बारिश के बाद पानी दुकानों, अस्पताल में भर गया। सीवरेज ओवर फ्लो होने के बाद गंदा पानी घरों में भर गया। घरों का सामान पानी में तैरता नजर आया।  एसडीएम डॉ. राजेश खोथ स्वयं भी पानी निकासी के प्रबंधों के बारे में जानकारी लेते रहे। 
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पटियाला चौक पर भरे पानी से गुजरते वाहन व लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बारिश से दीवार गिरी, किसान की मौत
अलेवा (जींद)। खेत में बने कमरे में बारिश के समय कपड़े बदलते समय दीवार गिरने से गांव रायचंद वाला निवासी 50 वर्षीय किसान राजबीर उर्फ  राजा की मौत हो गई। मृतक के बेटे दीपू ने बताया कि गुरुवार सुबह लगभग दस बजे वह खेतों में अपने पिता के साथ काम करने के लिए गया था। इस दौरान वह खेत में काम करने लगा और उसका पिता बारिश में भीगे कपड़े बदलने के लिए खेत में बने कमरे में चला गया। जब वह कपड़े बदल रहा था तो उसी समय कमरे की दीवार गिर गई। अलेवा थाना प्रभारी बीरबल सिंह ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
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