जनसंख्या
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जिले की जनंसख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इसको नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार नियोजन के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जनसंख्या पर नियंत्रण करना बहुत जरूरी है। -डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन
आबादी का सीधा असर पर्यावरण और संसाधन पर पड़ता है। जनसंख्या दबाव के कारण पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है। जनसंख्या वृद्धि से वायु, जल और मृदा प्रदूषण के स्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। -किताब सिंह भनवाला, रिटायर्ड बीईओ
शहर जनसंख्या का दबाव झेल रहा है। लगातार बढ़ती जनसंख्या का असर संसाधनों पर हो रहा है। युवा बाहर की तरफ जा रहे हैं। आने वाले समय में जनंसख्या में बढ़ोतरी के कारण पढ़ाई, दवाई और कमाई के साधन पर गहरा असर पड़ेगा। अस्पताल, स्कूल और कॉलेज कम पड़ जाएंगे। -डॉ. सुनील फौगाट, अर्थशास्त्री
पिछले कुछ समय से गांव और शहर में आबादी काफी तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह से शहर पर दबाव बढ़ता जा रहा है। शहर में जरूरत के अनुसार सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। कोशिश रहती है कि शहर में किसी भी व्यक्ति को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ी। जनसंख्या नियंत्रण की सख्त जरूरत है। -डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद
जनसंख्या बढने से शहर में ट्रैफिक बढ़ा है। खुला वातावरण कम हो गया है। इमारत, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल बन गए हैं लेकिन सुविधाएं कम होती जा रही हैं। इनको और बढ़ाने की जरूरत है। शहर में सबसे बड़ी संख्या सीवरेज ओवरफ्लो तथा सड़कों की हालत की है। यह व्यवस्था बहुत खराब है। इसके अलावा पॉश कॉलोनियों की हालत गांवों जैसी है। सुविधाएं बढ़ाने की बहुत जरूरत है। -टेकराम कंडेला, खाप नेता
जिस प्रकार से शहर व गांवों की आबादी बढ़ रही है, उस हिसाब से सुविधाएं नहीं बढ़ रही हैं। जिले में स्वास्थ्य और शिक्षा को मजबूत करने की जरूरत है। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के कारण बीमार लोगों को दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। सरकार को जनसंख्या के हिसाब से सुविधाएं भी बढ़ानी चाहिएं। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में भी काफी सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। -परमेंद्र सिंह ढुल, पूर्व विधायक।
शहर की जनसंख्या बढने से ट्रेफिक, ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बढ़ा है, लेकिन भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सरकार की तरफ से हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। शहर में जाम नहीं लगे इसके लिए हांसी रोड, पटियाला चौक, रोहतक रोड, भिवानी रोड, पिंडारा गांव, गोहाना रोड पर आओबी बनाए गए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए जींद में मेडिकल कॉलेज का निर्माण चल रहा है। पुराने बस स्टैंड को नए बस स्टैंड पर खुली जगह में शिफ्ट किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में जिले में विश्वविद्यालय खोला गया है। समय के अनुसार और जरूरत के अनुसार विकास किया जा रहा है। -डॉ. कृष्ण मिड्ढा, विधायक जींद।