पंचायत चुनाव में जींद जिला सौहार्द की नजीर कायम करने की राह पर है। रविवार को हसनपुर, हैबतपुर तथा दरोली खेड़ा में सर्वसम्मति से सरपंच और पंचों के नाम पर सहमति बनी। हैबतपुर में ऋषिपाल सिहाग, हसनपुर में रीना और दरोली खेड़ा में सुमन के नाम पर ग्रामीणों ने स्वीकृति की मुहर लगाई।
इससे पहले रूपगढ़ व सफाखेड़ी गांव में भी सरपंचों के नामों पर फैसले हो चुके हैं। पिछले सप्ताह सबसे पहले रुपगढ़ गांव में भाईचारे की मिसाल पेश की गई थी। इसके बाद जिले में धीरे-धीरे सर्वसम्मति बनाने पर विचार होने लगे और अब तक पांच गांवों में भाईचारे की पंचायतें हो चुकी हैं तथा इनमें सरपंच व पंचों के नाम फाइनल कर दिए गए हैं।
इन गांवों में जिन नामों पर सहमति हुई है, उनके ही नामांकन करवाए जाएंगे। वहीं गोसाई खेड़ा में भी रविवार को सर्वसम्मति के प्रयास किए गए लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ी। जिले के कुछ गांव ऐसे भी हैं, जहां पर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्वसम्मति से फैसले लिए जाएंगे। जिन लोगों पर सहमति बनेगी, उनके नामांकन रखे जाएंगे बाकी के नामांकन वापस करवाए जाएंगे।
पंचायत के चुनाव भाईचारे के चुनाव हैं। जिन गांवों में सरपंच के लिए एक-एक नामांकन आएगा, उन गांवों को सरकार की तरफ से 11 लाख रुपये दिए जाएंगे। -डॉ. मनोज कुमार, उपायुक्त