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Jind: एक ही दिन में तीन गांवों में सर्वसम्मति से सरंपच व पंचों के नाम पर बनी सहमति, एक गांव में नहीं बनी बात

Mon, 17 Oct 2022 01:45 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

इन गांवों में जिन नामों पर सहमति हुई है, उनके ही नामांकन करवाए जाएंगे। वहीं गोसाई खेड़ा में भी रविवार को सर्वसम्मति के प्रयास किए गए लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ी।
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हैबतपुर में ऋषिपाल सिहाग, दरोली खेड़ा में सुमन और हसनपुर में रीना को चुना सरपंच। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंचायत चुनाव में जींद जिला सौहार्द की नजीर कायम करने की राह पर है। रविवार को हसनपुर, हैबतपुर तथा दरोली खेड़ा में सर्वसम्मति से सरपंच और पंचों के नाम पर सहमति बनी।  हैबतपुर में ऋषिपाल सिहाग, हसनपुर में रीना और दरोली खेड़ा में सुमन के नाम पर ग्रामीणों ने स्वीकृति की मुहर लगाई। 
 
इससे पहले रूपगढ़ व सफाखेड़ी गांव में भी सरपंचों के नामों पर फैसले हो चुके हैं। पिछले सप्ताह सबसे पहले रुपगढ़ गांव में भाईचारे की मिसाल पेश की गई थी। इसके बाद जिले में धीरे-धीरे सर्वसम्मति बनाने पर विचार होने लगे और अब तक पांच गांवों में भाईचारे की पंचायतें हो चुकी हैं तथा इनमें सरपंच व पंचों के नाम फाइनल कर दिए गए हैं।

इन गांवों में जिन नामों पर सहमति हुई है, उनके ही नामांकन करवाए जाएंगे। वहीं गोसाई खेड़ा में भी रविवार को सर्वसम्मति के प्रयास किए गए लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ी। जिले के कुछ गांव ऐसे भी हैं, जहां पर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्वसम्मति से फैसले लिए जाएंगे। जिन लोगों पर सहमति बनेगी, उनके नामांकन रखे जाएंगे बाकी के नामांकन वापस करवाए जाएंगे। 

पंचायत के चुनाव भाईचारे के चुनाव हैं। जिन गांवों में सरपंच के लिए एक-एक नामांकन आएगा, उन गांवों को सरकार की तरफ से 11 लाख रुपये दिए जाएंगे। -डॉ. मनोज कुमार, उपायुक्त
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भावी सरपंच ऋषिपाल सिहाग को लड्डू खिलाते ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हैबतपुर में सरपंच के लिए ऋषिपाल के नाम पर बनी सहमति, 11 पंचों के नाम पर भी लगी मुहर  
जींद के रूपगढ़ गांव से चली सर्वसम्मति की मुहिम अब रंग लाने लगी है। जिले में रूपगढ़ के बाद शनिवार को सफाखेड़ी में भी सर्वसम्मति से सरपंच का चयन किया गया। रविवार को 2160 मतदाताओं के हैबतपुर गांव ने भी नजीर पेश की। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से 50 वर्षीय ऋषिपाल सिहाग को सरपंच बनाने पर सहमति जताई। गांव में 11 पंचों का चयन भी सर्वसम्मति से लगभग तय हो गया है। लगभग पांच घंटे की पंचायत में सभी बिरादरी के लोगों ने सरपंच व पंचों के एक-एक नामों पर सहमति प्रकट की। 
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सुमन देवी जिसके नाम पर दरोली में सरपंच पद को लेकर सहमति बनी है। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दरोली खेड़ा में पहली बार सर्वसम्मति से सरपंच बनाने को सुमन के नाम पर बनी सहमति
उचाना के दरोली खेड़ा गांव के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से सरपंच बनाने का फैसला लिया। गांव का सरपंच पद महिला के लिए आरक्षित होने पर सुमन पत्नी राजेश कुमार के नाम की सहमति का फैसला गांव की चौपाल में हुई ग्रामीणों की बैठक में लिया गया। दरोली खेड़ा गांव में पहली बार सर्वसम्मति से सरपंच बनाने का फैसला लिया गया है। दरोली खेड़ा की गिनती संवेदशील गांवों में होती है। 
   
गांव के भाईचारे की पंचायत ने सर्वसम्मति से सरपंच बनाने का फैसला लेकर भाईचारे की मिसाल कायम करने के साथ दूसरे गांव के ग्रामीणों को भी संदेश दिया है कि सरपंच के नाम पर सर्वसम्मति होने पर गांव में भाईचारा बढ़ता है। पंचायत में फैसला लिया गया कि सरपंच पद को लेकर गांव से एक ही नामांकन फार्म सुमन पत्नी राजेश कुमार का भरा जाएगा।

गांव में हुई पंचायत की जानकारी देते हुए पूर्व सरपंच प्रतिनिधि साधुराम, पूर्व सरपंच नसीब कुमार, पूर्व सरपंच तारा चंद, पूर्व सरपंच शमशेर सिंह ने बताया गांव में अब तक सर्वसम्मति से कभी सरपंच नहीं बना है। गांव की मेन चौपाल में भाईचारे की पंचायत हुई। इस पंचायत में हर किसी ने अपने-अपने विचार रखे। सभी की सहमति से फैसला लिया गया कि इस बार सरपंच पद के लिए सुमन के अलावा गांव में कोई दूसरा नामांकन नहीं भरा जाएगा।

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रीना। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खेत में कंबाइन से धान की कटाई कर रहे कप्तान ढाका को बुलाने पहुंचे लोग
जींद के गांव हसनपुर में रविवार को गांव के लोग सरपंच पद के लिए किसी एक नाम पर सहमति जताने का प्रयास कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ कप्तान ढाका खेत में इन सबसे बेखबर धान की कंबाइन के साथ कटाई कर रहे थे। गांव के कुछ लोग कप्तान ढाका के पास पहुंचे और कहा कि भाई! तेरी घर आली सरपंच बणा दी है, गाम म्ह तोला आ ज्या। इस पर कप्तान ने कहा कि क्यों मजाक करते हो भाई, हम तो सरपंच बनने की रेस में भी नहीं हैं। जब वह गांव में पहुंचे तो लोगों ने लड्डू खिलाकर उन्हें बधाई दी। इसके बाद ही कप्तान को सच्चाई पर यकीन हुआ। 
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गोसांईखेड़ा गांव में सर्वसम्मति से सरपंच बनाने को लेकर एकजुट हुए ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोसांईखेड़ा में सर्वसम्मति से सरपंच बनाने के लिए चली चार घंटे पंचायत, नहीं बनी सहमति
जुलाना के गांव गोसांईखेड़ा में सर्वसम्मति से सरपंच बनाने के लिए शनिवार को जलघर परिसर में बैठक हुई। बैठक में बुजुर्ग से लेकर युवाओं तक ने सर्वसम्मति से सरपंच चुनने के काफी प्रयास किए, लेकिन बैठक में सर्वसम्मति नहीं बनी। ग्रामीणों के लाख प्रयासों के बावजूद भी सर्वसम्मति से सरपंच की नियुक्ति नहीं कर पाए। अंत में ग्रामीणों ने फिर चुनाव लड़ने का फैसला लिया। फिलहाल गांव में सरपंच पद को लेकर नौ उम्मीदवार मैदान में हैं। गांव की आबादी लगभग 4500 और मतदाता 1400 हैं। 

शनिवार को गोसांईखेड़ा में सर्वसम्मति से सरपंच बनाने के लिए ग्रामीण एकत्रित हुए और उन्होंने सर्वसम्मति से सरपंच बनाने की शुुरुआत की। इस दौरान कई ग्रामीण सहमत भी हो गए, लेकिन कुछ ग्रामीणों ने एतराज जताया। सर्वसम्मति को लेकर करीब चार घंटे कई दौर की बातचीत हुई। इसके बावजूद बात नहीं बन पाई। ग्रामीण सुरेश ने बताया कि गांव में सर्वसम्मति से सरपंच बनाने को लेकर ग्रामीण एकत्रित हुए थे, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। गांव में सरपंच पद के लिए नौ उम्मीदवार मैदान में हैं।
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