कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों ने भले ही पिछले 70 दिनों से नेशनल हाईवे के कुंडली बॉर्डर पर डेरा डाला हुआ है। लेकिन जिस तरह से अब अधिकतर गांवों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर पहुंच रहे हैं, उससे किसान नेताओं का हर गांव से किसानों को बुलाने का अभियान सफल होता दिख रहा है। इसमें खाप पंचायतों ने अहम रोल अदा किया है।