सप्ताह भर से धरती तप रही है। आसमान से अंगारे बरस रहे हैं, बारिश का अता-पता नहीं है। हर किसी का हाल बेहाल है। आषाढ़ की दुपहरी में पांव ही नहीं अब तो शरीर भी जल रहे हैं। जिन सड़कों पर आम दिनों में जाम का नजारा आम रहता है, वहां दोपहर में सन्नाटा पसर जा रहा है। लेकिन थोड़ी सी लापरवाही से इस भीषण गर्मी में लोग बीमार भी खूब हो रहे हैं। लेकिन, अगर पहनावे, खानपान में थोड़ी सी सावधानी बरतें तो गर्मी से बच सकते हैं।