शास्त्री चौक के पास नगर निगम द्वारा बनाया गया ऑटो स्टैंड
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एसपी ट्रैफिक श्यामदेव विंद ने कहा कि मौखिक तौर पर स्टैंड की जानकारी हुई है, लेकिन अभी कोई आदेश नहीं आया है। सड़क पर अगर ऑटो से जाम लगेगा तो इससे नगर निगम को अवगत कराया जाएगा।
गोरक्ष पूर्वांचल ऑटो एसोसिएशन अध्यक्ष जेके द्विवेदी ने कहा कि ऑटो स्टैंड का ठेका नियमानुसार हो ही नहीं सकता है। क्योंकि मोटर व्हीकल एक्ट में सवारी ढोने के लिए ऑटो को अनुमति ही नहीं है। हालांकि बाद में सीएम रहे वीर बहादुर सिंह ने रिक्शा के लिए बने वार्षिक लाइसेंस शुल्क के तहत ऑटो को भी चलने की अनुमति दे दी थी। अब जैसे रिक्शा के लिए स्टैंड नहीं हो सकता, वैसे ही इसके लिए भी व्यवस्था है। नगर निगम की इस वसूली पर 2008 में तत्कालीन सांसद ने विरोध जताया, जिसके बाद ये बंद हो गया था। लेकिन, अब फिर से शुरू कर दिया गया है। ऑटो से जितनी वसूली होती है, उसका 10वां हिस्सा भी नगर निगम के राजस्व में नहीं जाता है। इसे लेकर मैं कमिश्नर, नगर आयुक्त समेत सभी से शिकायत कर चुका हूं।
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गुरु गोरक्ष पूर्वांचल ऑटो एसोसिएशन अध्यक्ष सुशील मिश्रा ने कहा कि चार जगहों से ऑटो के संचालन के लिए अनुमति मिली है। शहर में 10 हजार से ज्यादा ऑटो हैं, लेकिन सिर्फ सात सौ ही स्टैंड से संचालित होते हैं। जिनसे नियमानुसार शुल्क लिया जाता है। सुबह छह बजे से 10 बजे तक पर्ची मान्य होती है। पुलिस वालों को भी इसकी जानकारी दी गई है कि वह स्टैंड से संचालन को परेशान न किया जाए।