पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम। (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने पूछा कि राजनीति में कौन-कौन जाना चाहता है। लेकिन इस सवाल के जवाब में बहुत कम हाथ उठे। फिर पूछा वैज्ञानिक, चिकित्सक और इंजीनियर कौन बनेगा, लगभग सभी हाथ उठ गए। कलाम साहब उस वक़्त मुस्कुराते हुए कहे कि कोई क्षेत्र ख़राब नहीं होता न ही उसको कमतर आंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां भी जाओ अपना सौ फीसद दो। लगभग दो घंटे तक चली उनकी पाठशाला में बच्चे पूरी तन्मयता से उन्हें सुनते रहे। अंत में वह मंच से नीचे उतरे और बच्चों के बीच घुल-मिल गए।