Lord Buddha
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मंदिर के इस चौत्य में 1898 में पिपरहवा कपिलवस्तु-सिद्धार्थनगर खुदाई में प्राप्त हुई भगवान बुद्ध की अस्थि रखी गई हैं। इसे थाईलैंड के राजा ने अंग्रेजों से प्राप्त कर मंदिर परिसर में स्थापित कराया। मंदिर परिसर में थाईलैंड के राजा रामा नवम के सिर के बाल भी सुरक्षित रखे गए हैं। यह बाल राजा के 15 साल की अवस्था में भिक्षु बनने के दौरान के हैं। राजा द्वारा डिजाइन की गई चैत्य बेहद आकर्षक है। वहीं प्राकृतिक सौंदर्य से हरे भरे मंदिर परिसर में सैकड़ों सिहोर के पौधों से सुसज्जित आकृति में सजाया गया है। इसके अलावा बांस, पीपल, बरगद, नीम, आम समेत विभिन्न फूल पत्तियों से मंदिर को हमेशा सजाया जाता है।