फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस मंदिर का स्वतंत्रता आंदोलन से है गहरा नाता, शिवलिंग तोड़ने वाले अंग्रेजों के घोड़ों की ऐसे हो जाती थी मौत

Sun, 07 Jun 2020 03:30 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
विज्ञापन
1 of 5
MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।
महराजगंज जिले के मिठौरा विकास खंड क्षेत्र के सेखुई गांव में  प्राचीन शिव मंदिर स्वतंत्रता आंदोलन और भगवान शिव से जुड़ी इस एक कथा है। यह गांव स्वतंत्रता सेनानियों का गांव कहा जाता है। इस गांव का एक प्राचीन शिव मंदिर भक्तों की अटूट आस्था से जुड़ा हुआ है।
विज्ञापन

2 of 5
MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।
इस मंदिर में स्थित शिवलिंग को कभी अंग्रेजों ने हथियार से प्रहार कर तोड़ने की कोशिश की थी। वह भी इसलिए कि वे यहां की स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को पकड़ने आये थे, और असफल रह गए थे। वहीं शिवलिंग तोड़ने में असफल अंग्रेजों के सभी घोड़े गांव से निकलते ही मर जाते थे। जबकि गांव से कुछ ही दूर निकले के बाद एक भी अंग्रेज नहीं बचते थे।
विज्ञापन

3 of 5
MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।
मंदिर के पुजारी जोगिंदर मिश्र के अनुसार यहां के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को पकड़ने के लिए कुछ अंग्रेज अधिकारी अपनी सेना की एक टुकड़ी के साथ आने वाले थे। लेकिन अंग्रेजों के आने से पहले ही भगवान शिव की महिमा से किसी ने स्वप्न देखा और अंग्रेजों के आने की जानकारी मिल गई।

4 of 5
MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।
इनसे बचने के लिए न केवल सेनानी बल्कि पूरा गांव पलायन कर गया था। सिर्फ चाची की संज्ञा से जानी जाने वाली एक वृद्धा महिला गांव में रह गई थी। अगले दिन अंग्रेज पहुंचे तो गांव को खाली देखकर बूढ़ी महिला से पूछताछ की। साफ दिल की बूढ़ी महिला ने अंग्रेजों से भगवान शिव द्वारा दिखाए गए स्वप्न की कहानी को बता दिया। उसके बाद स्वतंत्रता के आंदोलनकारियों पर जुल्म ढाहने वाले अंग्रेजों ने शिव मंदिर को आग के हवाले कर दिया। इसके पहले उन लोगों ने मंदिर के शिवलिंग पर धारदार हथियार से प्रहार कर तोड़ने का प्रयास किया। शिवलिंग पर प्रहार से टूटे अवशेष के निशान अब भी दिखाई देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।
मंदिर स्वाधीनता आन्दोलन का बना साक्षी
मान्यता के अनुसार गांव के लोग मंदिर के शिवलिंग को मिट्टी से बांध बनाकर उसमें पानी भरकर शिवलिंग को पूरा डुबो देते हैं। जब भी ऐसा किया गया, तो बारिश जरूर हुई है। ऐसी धारणा व अन्य कई आस्था के साथ सेंखुई का प्राचीन शिव मंदिर लोगों के आस्था का जहां एक केंद्र है। वहीं स्वतंत्रता आंदोलन की घटित एक अद्भुत घटना का साक्षी भी है। स्वतंत्रता दिवस व देश के स्वतंत्रता आंदोलन का जिक्र होने पर यहां के लोग भगवान शिव व अंग्रेजों से जुड़ी इस कहानी को याद करते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें