गांधी आश्रम खादी भवन में सफाई करते सदस्य।
- फोटो : राजेश कुमार
तीन मंजिला गांधी आश्रम के साथ साथ ग्रामोद्योग भंडार, चर्म शिल्प भंडार, हर्बल भंडार, खादी भवन समेत बाहर तक की प्रतिदिन सफाई करते हैं। खासबात है कि 1958 में स्थापित इस गांधी आश्रम में कभी भी किसी सफाई कर्मचारी की जरूरत महसूस ही नहीं हुई। सभी सफाई को अपना नैतिक कर्तव्य मानते हुए इसमें जुटे रहते हैं। कपड़े भी आश्रम से जुड़े लोग ही धोते और प्रेस करते हैं।