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यूपी सरकार के चार साल: विकास को लगे पंख, गोरखपुर वासियों को मिलीं ये खास सुविधाएं

Fri, 19 Mar 2021 12:41 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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सीएम योगी के कार्यकाल के चार साल पूरे। - फोटो : अमर उजाला।
प्रदेश में भाजपा की सरकार को शुक्रवार को चार साल पूरे हो गए। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले चार सालों में गोरखपुर जिले की काया पलट कर दी है। तमाम विकास कार्य होने से लोगों को सुविधाएं मिलने लगी हैं। जिले को पहचान दिलाने वाला खाद कारखाना बनकर तैयार है। रामगढ़ताल में वाटर स्पोर्ट्स शुरू होने वाला है। राप्ती तट पर साबरमती की तर्ज पर दो घाट बनवाए गए हैं। यह शहर का नया पर्यटन स्थल बन गया है। बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में तमाम सुधार होने से निर्बाध आपूर्ति होने लगी है। 32 गांवों को नगर निगम क्षेत्र में शामिल करके शहर का विस्तार किया गया है। कई हाईवे को फोरलेन बनाया गया है। अस्पतालों में तमाम तरह की सुविधाएं दी गई हैं। महिला सुरक्षा के संबंध में भी कई कारगर कदम उठाए गए हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें इन चार सालों में क्या हुआ है खास...
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गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।
7000 करोड़ की लागत से खाद कारखाना तैयार
ढाई दशक से बंद खाद कारखाना फिर शुरू होने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से जुलाई 2016 में पीएम नरेंद्र मोदी ने नए खाद कारखाने की नींव रखी थी। जल्द ही पीएम लोकार्पण भी करेंगे। 7000 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन खाद कारखाने का काम पूरा हो चुका है और अब ट्रायल की तैयारी चल रही है। इस कारखाने से गोरखपुर समेत पूरे पूर्वांचल के किसानों को राहत मिलेगी।

 
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गोरखपुर वाटर स्पोर्ट्स। - फोटो : अमर उजाला।
रामगढ़ताल में वाटर स्पोर्ट्स को मिल रहा बढ़ावा
गोरखपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित रामगढ़ताल में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिल रहा है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग स्पीड बोट और पैडल बोट का आनंद उठा रहे हैं। जल्द ही ड्रैगन बोट, फ्लाई बोर्ड और फ्लोराइडर का भी आनंद उठा सकेंगे। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने इनका संचालन करने के लिए अनुभवी फर्मों से टेंडर आमंत्रित किया है।


 

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गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ। - फोटो : अमर उजाला।
गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ की हुई स्थापना, नया भवन तैयार
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में चार साल के दौरान गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ की स्थापना बड़ी उपलब्धि रही। शोधपीठ का नया भवन तैयार हो गया है। 20 मार्च से अंतरराष्ट्रीय स्तर की तीन दिवसीय संगोष्ठी शुरू हो रही है, जिसमें नाथपंथ पर काम करने वाले साहित्यकार विमर्श करेंगे।
 
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इलेक्ट्रिक बस - फोटो : अमर उजाला
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की दिशा में बढे़ कदम
नगरीय परिवहन सेवा के तहत शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जानी हैं। शासन से मंजूरी मिल चुकी है। नगर निगम की ओर से महेसरा में चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए खरीदी गई जमीन
शहर से रोजाना निकलने वाले तकरीबन 600 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की जमीन खरीदी जा चुकी है। प्लांट के निर्माण की जिम्मेदारी भी सीएंडडीएस को सौंपी गई है।

शहर का हुआ विस्तार, 32 गांव नगर निगम में शामिल
शहर अब महानगर की श्रेणी में आ जाएगा। प्रदेश कैबिनेट की स्वीकृति के बाद नगर निगम सीमा में 32 और गांव जुड़ गए हैं। इसका नोटिफिकेशन जल्द जारी होगा। इसके बाद शहरी सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा।

 
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गोरखपुर नगर निगम। - फोटो : अमर उजाला।
नगर निगम का नया भवन
मुख्यमंत्री ने 16 नवंबर 2019 को नगर निगम भवन का शिलान्यास किया था। 23.45 करोड़ रुपये की लागत से भवन बन रहा है। इसका निर्माण कार्य पूरा होने की तिथि मार्च 2022 निर्धारित है, लेकिन इसी साल अगस्त-सितंबर तक पूरा होने की संभावना है।

 
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राजघाट में शवदाह गृह। - फोटो : अमर उजाला।
राप्ती तट बना आकर्षक
राप्ती नदी का तट पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। करीब 49 करोड़ की लागत से राप्ती नदी के दोनों तटों पर आकर्षक घाट बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने राप्ती नदी के तट पर बनाए गए राजघाट, रामघाट और महायोगी गोरक्षनाथ घाटों का लोकार्पण किया।

10 करोड़ की लागत से बना अत्याधुनिक अंत्येष्टि स्थल
राप्ती नदी के तट स्थित राजघाट पर नगर निगम की ओर से करीब 10 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक अंत्येष्टि स्थल बनाया गया। प्रदूषण मुक्त लकड़ी आधारित एवं गैस आधारित शवदाह संयंत्र की स्थापना और परंपरागत अंत्येष्टि स्थल का मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया।

 

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AIIMS Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
कोविड की जांच शुरू, बेड बढ़ाए गए
जिला अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और आरएमआरसी में कोविड जांच की सुविधा शुरू हुई। अस्पतालों में वेंटिलेटर बढ़ाए गए हैं। बाल रोग विभाग को कोविड वार्ड में तब्दील करके मरीजों को राहत दी गई। जिला अस्पताल में इंसेफेलाइटिस के बेड बढ़ाकर 30 किए गए। सिटी स्कैन और डायलिसिस यूनिट शुरू हो चुकी है। महिला अस्पताल में 100 बेड का नया मेंटरनिटी विंग भी शुरू हो चुका है।

 

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गोरखपुर AIIMS। - फोटो : अमर उजाला
एम्स : सरकार बनने के बाद जमीन का हुआ स्थानांतरण
प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद एम्स के जमीन स्थानांतरण का रास्ता साफ हुआ। पिछले साल एम्स में ओपीडी शुरू की गई। फिलहाल 1500 के आसपास मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आ रहे हैं। इसी साल इमरजेंसी ओपीडी चलने की उम्मीद है। साल के अंत तक माना जा रहा है कि बड़ी सर्जरी भी शुरू हो जाएगी। इतना ही नहीं 50 की जगह 100 सीटों पर इसी सत्र से एमबीबीएस छात्रों का एडमिशन भी हो गया।

 

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बीआरडी स्थित 500 शैया युक्त बाल रोग चिकित्सालय संस्थान। - फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी : बीएसएल थ्री लैब मिला
कोविड महामारी के बीच बीआरडी मेडिकल कॉलेज में काफी बदलाव देखने को मिले। सरकार ने कॉलेज को प्राथमिकता में रखते हुए तीन करोड़ की लागत से बीएसएल थ्री ( बॉयोसेफ्टिक लैब) की सौगात दी। यहां पर कोविड सहित अन्य जांच की सुविधाएं शुरू हो गई है। पूर्वांचल में पहली बार इस तरह की लैब बनाई गई है। इसके अलावा 500 बेड का बाल रोग संस्थान भी शुरू हो गया है। इसमें 300 बेड के कोविड वार्ड बनाए गए थे। पहली बार 140 वेंटिलेटर भी शासन की ओर से बीआरडी को उपलब्ध कराए गए। कोविड महामारी के बीच 100 बेड के टीबी अस्पताल की शुरुआत हुई है। इसमें 15 बेड में वेंटिलेटर की सुविधा शुरू की गई।

 

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गोरखपुर फोरेंसिक लैब। - फोटो : अमर उजाला।
शुरू हुई फोरेंसिक लैब
गोरखपुर में फोरेंसिक लैब की शुरुआत हो चुकी है। जांच के लिए डीएनए, खून, बाल आदि की जो नमूने लखनऊ, वाराणसी भेजे जाते थे उनकी जांच अब गोरखपुर में हो जा रही है। जांच होने की वजह से तत्काल रिपोर्ट मिल जाती है। इससे आरोपियों को सजा दिलाने में आसानी हो रही है।

 

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रामगढ़ताल थाना। - फोटो : अमर उजाला।
तीन थाने और 8 पुलिस चौकी खुलने से राहत
रामगढ़ताल और गीडा के साथ साइबर थाना खुलने की वजह से लोगों को राहत मिली है। पहले इन इलाकों में रहने वाले लोगों को थाने पर फरियाद करने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। आठ नई चौकियां भी खुली हैं। इससे कानूनी मदद जल्दी मिल जाती है।

तीन महिला रिपोर्टिंग चौकी बनाई गई
जिले में तीन महिला रिपोर्टिंग चौकी बनाई गई है। पहले सिर्फ एक महिला थाना होने की वजह से गांव की महिलाओं को लंबी दूरी तय करके शहर आना पड़ता था। अब रिपोर्टिंग चौकी पर ही शिकायत दर्ज करा सकती हैं। एक रिपोर्टिंग चौकी बांसगांव तो दूसरी कैंपियरगंज में खोली गई है। कोतवाली इलाके में एक रिपोर्टिंग चौकी खोली गई है।  

 

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बिजली गुल। - फोटो : ani
नए उपकेंद्र बने, बांस बल्ली के खंभे हटाए गए
पिछले चार वर्षों में बिजली की आपूर्ति बेहतर हुई है। जिले में तीन नए ट्रांसमिशन उपकेंद्र बने हैं। कई बिजली घरों की क्षमता बढ़ाई गई है। शहरी क्षेत्र में तीन नए बिजली घर जल्द बनेंगे। 60 किलोमीटर से अधिक एबीसी केबल से साथ नई लाइन बिछाई गई है। बांस-बल्ली के सहारे आपूर्ति देने की व्यवस्था को भी बदला गया है। पहले की तुलना में शहरवासियों को 22 से 24 घंटे तक बिजली मिलती है।

 

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कृषि विवि के वेटनरी कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला
वेटनरी कॉलेज: पढ़ाई के साथ शोध भी होंगे
करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से गोरखपुर में वेटनरी कॉलेज का निर्माण होगा, जहां पढ़ाई के साथ शोध कार्य भी होंगे। इस कॉलेज में शोध कार्य के लिए पशुपालन किया जाएगा। चरागाह, डेरी फार्म, बकरी व भेड़ फार्म एवं पोल्ट्री फार्म भी बनाए जाएंगे। डेयरी प्रोडक्ट बनाने के लिए प्रसंस्करण केंद्र भी होगा। वेटनरी कालेज पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान केंद्र मथुरा से संबद्ध होगा। शुरू में 80 सीटें होंगी।

प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय की जल्द रखी जाएगी आधारशिला
प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय की नींव भी जल्द रखी जाएगी। इसका प्रस्ताव स्वीकृत होने के साथ ही प्रारंभिक कार्यों के लिए बजट जारी हो गया है। जमीन की तलाश की जा रही है। आयुष विश्वविद्यालय में पढ़ाई के साथ ही इलाज भी होगा। लखनऊ, वाराणसी, झांसी, प्रयागराज, बरेली, बांदा, मुजफ्फरपुर, पीलीभीत में आयुष मेडिकल कॉलेजों की संबद्धता गोरखपुर से होगी।

 

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गोरखपुर प्रेक्षागृह। - फोटो : अमर उजाला।
प्रेक्षागृह: कला को मिलेगा मंच
एनेक्सी भवन के पास बन रहे योगी बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र का काम आखिरी चरण में है। जल्द ही इसे कलाकारों और आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केन्द्र के निर्माण पर करीब 49.50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।  

 

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गोरखपुर मेट्रो का मैप। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में दौड़ेगी मेट्रो  
चार सालों में गोरखपुर को जो बड़ी-बड़ी उपलब्धियां मिली हैं, उनमें मेट्रो भी शामिल है। डीपीआर के मुताबिक, शहर में 4589 करोड़ रुपये की लागत से तीन बोगियों (कार) वाली मेट्रो दौड़ेगी। इसके लिए दो रूट तय किए गए हैं। पहला रूट 15.14 किमी लंबा होगा, जो श्यामनगर (बरगदवां के पास) से मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तक का होगा। दूसरा रूट गुलरिहा से शुरू होकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज, असुरन चौक, धर्मशाला, गोलघर, कचहरी चौराहा होते हुए नौसड़ तक जाएगा। यह 12.70 किमी लंबा रूट है, जिसपर 12 स्टेशन होंगे।

 

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ऐसा होगा गोरखपुर सैनिक स्कूल। - फोटो : अमर उजाला।
50 एकड़ में खुलेगा सैनिक स्कूल
खाद कारखाने के पास 50 एकड़ में सैनिक स्कूल बनाया जाना है। इसके लिए डीपीआर तैयार करने का काम अंतिम चरण में है। इसके निर्माण पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है।
 

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DDU gorakhpur - फोटो : अमर उजाला।
गोविवि को मिले नियमित शिक्षक, पढ़ाई के साथ शोध कार्य
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 15 वर्ष बाद शिक्षकों की नियुक्ति की गई। 2018 में 150 से ज्यादा प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति हुई।  इससे पढ़ाई का माहौल तो बना ही शोध के ठप पड़े कार्य भी शुरू हो गए।

रोजगार पाठ्यक्रम की ओर बढ़ा विश्विद्यालय
समय की जरूरत को समझते हुए गोरखपुर विश्वविद्यालय ने रोजगार पाठ्यक्रम की ओर कदम बढ़ाए हैं। स्टार्टअप के जरिए रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पूर्वांचल विकास बोर्ड की स्थापना हुई है। 63 रोजगार पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव कार्य परिषद से पास कराकर कुलाधिपति के पास भेजा गया है। नए सत्र इनमें कई कोर्स शुरू हो जाएंगे। इससे रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। वहीं विश्वविद्यालय को भी नई ऊंचाई मिलेगी।
 

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MMMUT - फोटो : अमर उजाला।
एमएमएमयूटी में ई लाइब्रेरी की सुविधा
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में ई लाइब्रेरी की शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक समारोह में पिछले महीने इसका लोकार्पण किया। इसके तहत सवा लाख पुस्तकों के अलावा जनरल को ऑनलाइन कर दिया गया। साथ ही अभ्युदय योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को भी किताबों को पढ़ने की सुविधा मिलेगी।

लैब की जगह अब फील्ड में शोध, ड्रोन से सिंचाई
एमएमएमयूटी में पहली बार लैब से बाहर निकल कर फील्ड में शोध शुरू किया गया। गोद लिए गांव जंगल राम लखना में एमएमएमयूटी के शोधार्थियों ने ड्रोन कैमरे से सिंचाई और मिट्टी की जांच कर खाद, बीज, पानी की जरूरत को समय के हिसाब से मोबाइल फोन पर सूचना देने की शुरुआत की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

एमएमएमयूटी में ऑडिटोरियम के निर्माण में आई तेजी
एमएमएमयूटी में निर्माणाधीन आडिटोरियम को तैयार करने में तेजी आई है। करीब 1000 क्षमता वाले स्टेडियम के तैयार होने से पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों में तेजी आएगी।


 

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भगवान शिव की प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला।
भगवान शिव की लगेगी मूर्ति
राप्ती तट के किनारे अन्त्येष्टि स्थल पर भगवान शिव की 30 फीट ऊंची मूर्ति लगाने की शुरुआत हो गई है। इसके लिए पाइलिंग का काम शुरू हो गया है। एक महीने के भीतर मूर्ति की स्थापना कर दी जाएगी।

 

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गोरखपुर जलभराव। - फोटो : राजेश कुमार
जलभराव से निजात के लिए 200 करोड़
चार साल में जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल सकी है। जब भी बारिश होती है, शहर क्षेत्रों में जलभराव की समस्या रहती है। हालांकि योगी सरकार ने 200 करोड़ रुपये की परियोजना बनाई है। इससे जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है। 2021 से ही कार्ययोजना पर अमल संभव है।

 

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सांकेतिक फोटो। - फोटो : iStock
तीन अफसरों की पोस्ट बढ़ी तो न्याय हुआ आसान
पहले जिले में आईजी जोन बैठते थे लेकिन अब एडीजी जोन को पोस्ट कर दिया गया है। सीनियर अफसर की वजह से लोगों को न्याय पाने में आसानी होती है। इसी तरह पहले सिर्फ ग्रामीण एसपी होते थे जिनका क्षेत्र लंबा होने की वजह से वह हर जगह मानीटरिंग नहीं कर पाते थे। अब एसपी साउथ और एसपी नार्थ दो एसपी हो गए हैं।
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शेरनी दस्तां - फोटो : अमर उजाला
शेरनी दस्तां और एंटी रोमियों से शोहदों पर शिकंजा
जिले के हर थाने में शेरनी दस्ता और एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन करके शोहदों पर शिकंजा कसा गया है। महिला सिपाहियों को स्कूटी देकर सड़कों पर बाजारों में, कॉलेज, कोचिंग के पास सक्रिय किया गया है। इससे शोहदे डरे हैं। आधी आबादी खुद को महफूज महसूस कर रही है। अब बेरोकटोक वह जब जहां चाहे वहां पर आ जा सकती है। कहीं पर भी कोई शोहदा दिखता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाती है।
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