थाना कोई भी हो, वहां पर लॉकअप का मतलब ही होता है ताला। क्योंकि उसमें बदमाशों को पकड़ने के बाद रखा जाता है और फिर कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाता है। लेकिन इस वैज्ञानिक युग में भी गोरखपुर जिले का एक थाना ऐसा है जहां छोटी सी चूक बड़ी घटना को दावत देता है। यही वजह है कि लॉकअप वर्षों से खाली है और काम चलाने के लिए थानेदार के ऑफिस को ही लॉकअप बना दिया गया है।