मुक्तेश्वरनाथ मंदिर।
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सावन के त्योहार
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रियरंजन त्रिपाठी के अनुसार प्रतिपदा को अशून्यन व्रत, द्वितीया को औदुंबर व्रत, तृतीया को गौरी व्रत, चतुर्थी को दूर्वा गणपति व्रत, पंचमी को उत्तम नाग पंचमी व्रत, षष्ठी को स्पंदन व्रत, सप्तमी को शीतला देवी व्रत, अष्टमी और चतुर्दशी को देवो व्रत, नवमी को नक्त व्रत, दशमी को आशा व्रत, एकादशी को भगवान श्रीहरि व्रत, द्वादशी को श्रीधर व्रत, त्रयोदशी को प्रदोष व्रत, अमावास्या को पिठोरा व्रत, कुशोत्पाटन और वृषभों का अर्चन करें तथा पूर्णिमा को उत्सर्जन, उपाकर्म, सभा द्वीप, रक्षाबंधन, श्रावणी कर्म, सर्प बलि तथा हयग्रीव नामक ये सात व्रत श्रावणी पूर्णिमा को होते हैं।