फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ का खतरा: गोरखपुर से होकर बहने वाली नदियां उफनाईं, तेजी से बढ़ रहा है जलस्तर

Mon, 19 Sep 2022 12:28 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 5
सरयू नदी का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
नेपाल और भारत में भारी बारिश होने से गोरखपुर से गुजरने वाली छह नदियां उफना गई हैं। घाघरा नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार कर गया है। इस कारण खजनी और गोला तहसील क्षेत्र के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रोहिन नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे नदी के किनारे रहने वाले लोगों में दहशत है। कटान की भी आशंका बढ़ गई है।

पिछले पांच दिनों से हो रही बारिश की वजह से जिले में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। शहर से होकर गुजरने वाली राप्ती नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के दौरान 63 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, राप्ती अब भी खतरे के निशान से 1.1 मीटर नीचे बह रही है। लेकिन इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यही स्थिति रही तो शहरी क्षेत्र में राप्ती नदी खतरे का निशान पार कर जाएगी।

 
विज्ञापन

2 of 5
gorakhpur river - फोटो : अमर उजाला।
वहीं, गोर्रा और कुआनो नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। गीडा क्षेत्र से होकर बहने वाली आमी नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, इस नदी के जलस्तर की रिपोर्ट बाढ़ खंड की तरफ से नहीं तैयार की जाती है। लेकिन जब भी आमी नदी का जलस्तर बढ़ता है, आसपास के क्षेत्र में फसलों को काफी नुकसान होता है।

अफसर अलर्ट
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग, प्रशासन और पुलिस के अफसर सतर्क हो गए हैं। बंधों की निगरानी की जा रही है। जलस्तर बढ़ने से प्रभावित होने वाले गांवों के आसपास सतर्कता बढ़ाई गई है। कटान न हो, यह व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। अगर गांवों में पानी घुसता है, तो नाव के भी इंतजाम किए जाएंगे। निगरानी बढ़ा दी गई है।

 
विज्ञापन

3 of 5
गोरखपुर में राप्ती नदी। - फोटो : अमर उजाला।
नदियों का जलस्तर (मीटर में) (रविवार शाम 4 बजे तक)
नदी  स्थान जलस्तर   खतरे का निशान
घाघरा अयोध्या 92.970  92.730
घाघरा बरहज 66.900 66.500
राप्ती गोरखपुर 73.880 74.980
रोहिन त्रिमुहानी 82.450 82.440
गोर्रा पिंडराघाट 69.250 70.500
कुआनो  मुखलिसपुर 76.220  78.650


अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड-2 रुपेश खरे ने कहा कि नेपाल की पहाड़ी व पूर्वांचल के मैदानी इलाकों में हुई लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा है। घाघरा नदी के उफनाने का असर खजनी और गोला तहसील में देखने को मिलता है खतरे जैसे कोई बात नहीं है। विभागीय अफसर अलर्ट हैं। जिन नदियों का जलस्तर बढ़ा है, वहां निगरानी बढ़ा दी गई है। राहत-बचाव की योजना पहले से बनी है। आबादी क्षेत्र में पानी घुसा तो राहत-बचाव कार्य तेज किया जाएगा। हर स्तर की तैयारी है।
 

4 of 5
बढ़ रहा है नदी का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
बाढ़ से घिरे आधा दर्जन से अधिक गांव
राप्ती और सरयू नदी में उफान की वजह से इलाके के आधा दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं। राप्ती के पानी से लखनौरी, लखनौरा, खोहियापट्टी, बिहुआ उर्फ अगलगौवां, हिगुंहार और सरयू के पानी से जैतपुर, कोटिया निरंजन, खैराटी, गोनहा, मुसाडोही, ज्ञानकोल आदि गांव पानी से घिर गए हैं। यदि नदियों में पानी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो जल्द ही कई गांवों में आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ सकता हैं। ग्रामीण रविशंकर सिंह, जयराम विश्वकर्मा, योगेंद्र यादव, रमाशंकर मद्देशिया, राकेश यादव, अमरजीत गुप्ता, दीपनारायन आदि ने डेरवा बैरियाखास मार्ग व बरडीहा खैराटी मार्ग के उच्चीकरण की मांग की है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गोरखपुर में आमी नदी। - फोटो : अमर उजाला।
आमी नदी का जलस्तर बढ़ा
बारिश के कारण आमी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे कछार क्षेत्र के सभी ताल तलैया लबालब भर गए हैं। लोगों का कहना है कि इसी तरह बारिश होती रही तो सूखे के बाद बाढ़ के कहर से किसान तबाह होंगे। यदि इस समय बाढ़ आती है तो गेहूं की फसल प्रभावित होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें