गोरखपुर जिले में एक महीने से अधिक समय तक खतरे के निशान से ऊपर बह रही राप्ती नदी बुधवार को खतरे के निशान से मात्र 8 सेमी ऊपर बह रही। 24 घंटे में राप्ती का जलस्तर 32 सेमी नीचे आया है। वहीं, गोर्रा नदी भी अब खतरे के निशान से केवल 15 सेमी ऊपर बह रही है। माना जा रहा है कि दोनों नदियों का जलस्तर गुरुवार यानी आज लाल निशान से नीचे आ जाएगा। घाघरा नदी खतरे के निशान से 38 सेमी नीचे है, जबकि रोहिन खतरे के निशान से 3.35 मीटर नीचे चली गई है।
जिले की नदियों का जलस्तर जैसे-जैसे नीचे जा रहा है वैसे-वैसे बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या भी घटने लगी। सप्ताह भर में 99 गांव बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची से बाहर हो गए हैं। इन गांवों से बाढ़ का पानी निकल गया है। अब जनजीवन सामान्य होने लगा है। आठ सितंबर को जिले में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 398 थी, जो बुधवार को घटकर 299 हो गई। कैंपियरगंज, चौरीचौरा और खजनी तहसील के सर्वाधिक गांवों से बाढ़ का पानी निकला है।
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राप्ती नदी का घट रहा जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला।
आपदा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में बाढ़ से 3.12 लाख की आबादी प्रभावित है। करीब 56240 हेक्टेअर क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में है। अब सदर तहसील में सबसे ज्यादा 92, जबकि चौरीचौरा व खजनी में सबसे कम क्रमश: 30 और 18 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
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राप्ती नदी का घट रहा जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला।
सहजनवां में 33, कैंपियरगंज में चार, बांसगांव में 47 और गोला में 75 गांव प्रभावित हैं। उधर, प्रशासन, पंचायतीराज, स्वास्थ्य आदि विभागों का जोर अब जिन गांवों में बाढ़ का पानी खत्म हो रहा है या कम हो रहा है, वहां की सफाई, दवाओं का छिड़काव और ग्रामीणों को स्वच्छ पानी मुहैया कराने पर है।
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गोरखपुर में घट रहा नदियों का जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला।
दिक्कत हो या कोई सूचना देनी हो तो यहां मिलाएं फोन- बाढ़- 0551-2201796, 9450119142 स्वास्थ्य- 0551-2202205, 9450119127 पशुपालन- 0551-2204196 नगर निगम- 0551-2204196, 9450119104 बिजली निगम- 0551-2985901, 9450119071 जिलापूर्ति- 0551-2980096, 9450119074 पंचायतीराज- 0551-2985854, 9532824859 जलनिगम- 0551-2985913, 8765134842 पीडब्लूडी- 0551-2980093, 9532797104
मरीजों की जांच करते सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बढ़ीं त्वचा संबंधी समस्याएं
बाढ़ से प्रभावित गांवों में बुखार के मरीजों की संख्या कम हो रही है लेकिन त्वचा रोग के मरीज तेजी से बढ़े हैं। बाढ़ के सड़ रहे पानी के कारण त्वचा रोग के मरीज तीन गुना हो गए हैं। बुधवार को जिले में 18 सचल टीमों ने 2123 लोगों की जांच की। इसमें सबसे ज्यादा करीब 600 लोग त्वचा रोग के पीड़ित मिले। जबकि बुखार की चपेट में 217 लोग मिले। टीम को 140 लोग उल्टी-दस्त के शिकार मिले। अन्य बीमारियों की चपेट में 1173 लोग मिले। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 18619 क्लोरिन टैबलेट का वितरण किया। 1673 ओआरएस के पैकेट बाढ़ पीड़ितों को दिए गए। जबकि 750 हैंडपंप का क्लोरिनेशन हुआ है। इलाज कराने वाले लोगों में 1112 महिलाएं और 1011 पुरुष हैं। 144 बच्चे, चार गर्भवती और 188 वृद्धों का भी टीमों ने इलाज किया है।