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गोरखपुर की पहचान बन चुका रामगढ़ ताल बना प्रदेश का पहला वेटलैंड, जारी हुआ नोटिफिकेशन

Thu, 18 Jun 2020 01:04 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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Ramgarh taal - फोटो : अमर उजाला।
शहर की पहचान बन चुके रामगढ़ताल को वेटलैंड मैनेजमेंट 2017 के तहत प्रदेश का पहला वेटलैंड घोषित किया गया है। इसके लिए प्रारंभिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। तकनीकी परीक्षण और लोगों की आपत्तियां सुनने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी होगा। आपत्ति दर्ज कराने के लिए 15 दिन का मौका दिया गया है। इस फैसले से रामगढ़ताल के 500 मीटर के दायरे में बने घरों के टूटने से बचने की बड़ी उम्मीद है।
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रामगढ़ ताल। - फोटो : अमर उजाला।
प्रारंभिक नोटिफिकेशन के मुताबिक 737 हेक्टेयर में फैले रामगढ़ ताल के ज्यादातर हिस्से में 50 मीटर तक ही निर्माण पर प्रतिबंध है। कुछ इलाकों में 80, 100 और 120 मीटर तक का प्रतिबंध है। हालांकि यह भी वह इलाके हैं, जो खाली हैं और वहां कोई निर्माण नहीं है। इस चिह्नित दायरे में कोई नया उद्योग नहीं लग सकता है। न ही पुरानी इकाइयों का विस्तार हो सकेगा।
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रामगढ़ ताल। - फोटो : अमर उजाला।
इस दायरे में खतरनाक किस्म के कचरे, पॉलीथिन, नॉन बायोग्रेडिबल वस्तुएं, ठोस कचरा, गंदा पानी, अशोधित सीवेज के निस्तारण पर भी रोक रहेगी। वहीं, नौकायन के लिए जेट्टी को छोड़कर किसी भी तरह के निर्माण पर पाबंदी रहेगी। बंधे का निर्माण, मछली पालन, सिंघाड़े की खेती, सड़क निर्माण और पशुओं को चराने आदि की गतिविधियों के बारे में जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी निर्णय करेगी।

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रामगढ़ ताल। - फोटो : अमर उजाला।
चीफ कंजरवेटर दीपक कुमार ने बताया कि रामगढ़ताल को वेटलैंड घोषित किए जाने का सबसे बड़ा लाभ यह मिलेगा कि झील अपने मूल स्वरूप में बनी ही रहेगी, आसपास के भूगर्भ जल का स्तर भी सुधरेगा। इससे जैव विविधता को संरक्षण और संवर्धन भी मिलेगा।
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Ramgarh taal - फोटो : अमर उजाला।
डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि 15 जून को रामगढ़ताल वेटलैंड का प्रारंभिक गजट नोटिफिकेशन किया गया। इसपर अगर किसी को आपत्ति है तो वह 15 जून से अगले 15 दिन के भीतर तक प्रमुख सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन अनुभाग-4, उत्तर प्रदेश शासन बापू भवन लखनऊ को लिखित रूप से अपनी आपत्ति भेज सकते हैं। आपत्तियों के निवारण के बाद अधिसूचना का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
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