कोरोना संक्रमण के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिंता यूं ही नहीं है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ते ही लोग बचाव के लिए बरती जा रही सावधानियों के प्रति लापरवाह होते जा रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें लापरवाही की हद हुई पार...
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गोलघर में बिना मास्क के जा रहे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर शहर में बुधवार को अलग-अलग हिस्से की पड़ताल से पता चला कि दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी जैसे नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं। सड़कों, बाजारों, दुकानों, अस्पतालों, मॉल, सब्जी मंडी, ऑटो, बाइक, बसों और कार्यक्रमों तक में लोग बेपरवाह दिखे।
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एक बाइक पर चार सवार, फिर भी नहीं लगाया मास्क।
- फोटो : अमर उजाला।
कहीं दो गज दूरी का ध्यान नहीं रखा गया तो कहीं लोगों ने मास्क लगाना जरूरी नहीं समझा। ऐसे में कोरोना वायरस दोबारा अटैक कर सकता है। जरूरत जागरूकता और सतर्कता बरतने की है। कई लोग चालान या जुर्माना लगने के भय से मास्क लगा रहे हैं। जैसे ही पुलिस की तैनाती वाले चौराहे निकलते हैं मास्क निकाल देते हैं।
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रेती चौक की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला।
सड़क पर बड़ी संख्या में ऐेसे लोग मिल जाते हैं जिनके मास्क गले में होते हैं या होते ही नहीं हैं। इसी तरह मॉल में प्रवेश करते ही अधिकतर लोग मास्क निकाल देते हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते हैं। बाजार में भी लोग बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं। दुकानों पर बिना मास्क लगाए अधिकतर लोग खरीदारी कर रहे हैं। कई दुकानदार भी मास्क नहीं लगाए होते हैं। भीड़ होने पर दो गज दूरी का नियम भी टूट जाता है।
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साहबगंज मंडी का हाल।
- फोटो : अमर उजाला।
सर्वाधिक मजाक साहबगंज, महेवा गल्ला व फल मंडी में उड़ रहा है। कलेक्ट्रेट, पुलिस ऑफिस, विकास भवन, डाक घर, बैंक में भी लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े हो रहे हैं। संक्रमण का सर्वाधिक खतरा अस्पतालों में होता हैं फिर भी लोग सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को जरूरी नहीं समझ रहे।
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बिना मास्क के घर से निकल रहे हैं लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
रोडवेज की बसों से लेकर प्राइवेट टैक्सी, ऑटो तक कहीं भी कोरोना गाइड लाइंस का पालन नहीं किया जा रहा है। अधिकतर चालक, परिचालक और यात्री के चेहरे पर मास्क नहीं दिखाई देता है।
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बीएसए कार्यालय पर बिना मास्क के लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
रोडवेज की बसों में थर्मल स्कैनर है लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए शहर में सैकड़ों सार्वजनिक स्थानों, मॉल, अस्पताल, मंदिर, दुकानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया गया है। बेपरवाह लोग इसे भी अनसुना कर दे हैं।
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अपने साथ परिवार के लोगों के लिए बन रहे हैं खतरा।
- फोटो : अमर उजाला।
जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती जागरूकता और सतर्कता ही कोरोना संक्रमण से बचाव का जरिया है। अलग-अलग क्षेत्रों में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का प्रयोग जांचने के लिए अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। निरंतर जांच हो रही है। बेपरवाह लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। लोगों का खुद जागरूक होना जरूरी है।
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कोरोना से नहीं डर रहे हैं लोग
- फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने कहा कि लोगों को समझना होगा कि अपनी लापरवाही से न केवल हम खुद बल्कि अपने परिवार और समाज को मुश्किल में डाल देंगे। कोरोना का खतरा टला नहीं है इसलिए थोड़ी सी भी लापरवाही बड़ी मुश्किल में डाल देगी। सभी से अपील है कि वे जरूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलें, दो गज की दूरी का पालन और मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।
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भूल गए मास्क।
- फोटो : अमर उजाला।
डॉक्टर बोले-मास्क ही दवा, जरूर करें इस्तेमाल
कोरोना महामारी से बचने के लिए मास्क ही सबसे बड़ा हथियार है। जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक मास्क वायरस से सुरक्षित रख सकता है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी का कहना है कि लोग मास्क पहनने में लापरवाही कर रहे हैं। मास्क खुद के साथ आसपास और परिवार को भी सुरक्षित रख सकता है। जब तक वैक्सीन नहीं, तब तक मास्क को ही दवा समझकर इस्तेमाल करें।
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भूल गए सोशल डिस्टेंसिंग।
- फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि मास्क के साथ-साथ सोशल डिस्टेसिंग का पालन जरूर करें। उन्होंने कहा कि घर से बाहर निकलते वक्त मास्क जरूर लगाएं। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें। बाहर से घर जाते ही 40 सेकेंड तक साबुन से हाथ धुलें। घर से बाहर निकल रहे हैं तो सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। कोरोना मरीज के संपर्क में आने पर कम से कम सात दिन तक आइसोलेट रहें।
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दुकान पर बिना मास्क पहने हुए लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगवाने के लिए विभागों को बांटी जिम्मेदारी
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कोविड-19 महामारी से बचाव एवं जागरूकता के लिए बैनर-पोस्टर व पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाने के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी बांटी है। डीएम ने बताया कि सभी पुलिस थानों-चौकियों के लिए एसपी सिटी, ग्रामीण विकास विभाग के सभी कार्यालय व बीडीओ कार्यालय के लिए सीडीओ, नगर निगम/नगर पंचायत के सभी कार्यालय व वाहनों तथा प्रमुख चौराहों के लिए नगर आयुक्त/अधिशासी अधिकारी, चिकित्सा विभाग के सीएचसी-पीएचसी कार्यालय के लिए सीएमओ, राजस्व विभाग के सभी कार्यालय, तहसील परिसर के लिए संबंधित एसडीएम को जिम्मेदारी दी गई है।
बिना सोशल डिटेंस्टिंग के खरीदारी करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
विद्युत विभाग के सभी कार्यालय के लिए मुख्य अभियंता, रोडवेज के सभी बस स्टेशनों के लिए आरएम तथा परिवहन विभाग के सभी कार्यालय भवन एवं परिसर के लिए आरटीओ (प्रशासन), दुकानों, प्रतिष्ठानों व मॉल के आसपास की 10 दुकानों, औषधि दुकान के आसपास की 10 दुकानों द्वारा सामूहिक रूप से पोस्टर एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम से प्रचार-प्रसार कराने की जिम्मेदारी अभिहीत अधिकारी तथा उद्योग विभाग के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों, परिसर के लिए सीईओ गीडा व उपायुक्त उद्योग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि रात 10 बजे के बाद पब्लिक एड्रेस सिस्टम नहीं बजेंगे और उनकी आवाज तय मानक के अनुसार होगी।