आकांक्षा सिंह।
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शुक्रवार को परीक्षा का परिणाम आने के बाद आकांक्षा अपने माता-पिता और नाना के साथ आकाश इंस्टीट्यूट आईं। उन्होंने कहा कि निर्धारित विषय को तब तक पढ़ना चाहिए जब तक उसका गहनतम ज्ञान न हो जाए। उन्होंने इसी रणनीति के साथ पढ़ाई की और सफलता के इस मुकाम को हासिल कर सकीं। उन्होंने बताया कि कक्षा आठ तक की पढ़ाई के दौरान उनकी इच्छा आईएएस अफसर बनने की थी, लेकिन दोस्तों की सलाह और एम्स की एक बुकलेट ने उनके लक्ष्य को बदल दिया। जिसके बाद उन्होंने डॉक्टर बनने की ठान ली।