गोरखपुर के गुलरिहा इलाके के शिवपुर शहबाजगंज में चार दिनों तक मां के शव को तख्त के नीचे बेटे ने छिपाए रखा। शव से बदबू आने पर अगरबत्ती व धूपबत्ती जलाता था। मंगलवार सुबह शव से तेज दुर्गांध आने पर पड़ोसियों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस शव को पहले मोर्चरी भेजा, लेकिन बाद में बिना पोस्टमार्टम पंचनामा भरकर पुलिस ने आनन-फानन भतीजे को शव सौंप दिया और फिर दाह संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने मायके से बहू या फिर घर के किसी अन्य जिम्मेदार के आने का इंतजार तक नहीं किया। जबकि, मौत की सूचना पाकर नाती भी दिल्ली से चल दिए थे।
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चार दिन तक मां का शव छिपाए रखा
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, शांति देवी के बहू का मायका देवरिया में है। उसका भाई शाम को पहुंच भी गया था, लेकिन बहू नहीं आ पाई थी। उधर, पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में जिस रिश्तेदार (भतीजे अवनीश नारायण त्रिपाठी) ने यह लिखकर दिया कि मौसी शांति देवी की मौत स्वाभाविक हुई है, वह उस घर में उनके साथ नहीं रहता था।
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चार दिन तक मां का शव छिपाए रखा
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में सवाल उठता है कि पिछले चार दिन से शव घर में पड़ा था और किसी रिश्तेदार को इसकी जानकारी नहीं थी, तो फिर मौत कैसे हुई, यह सटीक जानकारी भतीजे को कैसे हो गई और पुलिस ने इस पर विश्वास भी कर लिया।
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चार दिन तक मां का शव छिपाए रखा
- फोटो : अमर उजाला
दूसरे, एक बारगी यह मान लिया जाए कि मौत स्वाभाविक हुई भी हो तो फिर पुलिस या रिश्तेदार को सूचना क्यों नहीं दी गई? इस सवाल का भी जवाब पुलिस ने जानने की कोशिश नहीं की।
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चार दिन तक मां का शव छिपाए रखा
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने एक प्रार्थना पत्र पाया और मौत की वजह जाने बिना ही शव को बिना पोस्टमार्टम सुपुर्द कर दिया। अब सवालों के घिरी पुलिस की जांच का आदेश एसएसपी ने दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
जानकारी के मुताबिक, गुलरिहा इलाके के शिवपुर शहबाजगंज निवासी राम दुलारे मिश्रा कुशीनगर के बोदरवार स्थित एक इंटर कॉलेज में शिक्षक पद रिटायर्ड थे। वह बोदरवार के डोमबरवा के मूलतः निवासी थे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social media
राम दुलारे शिवपुर सहबाजगंज में पत्नी शांति देवी और बेटा निखिल मिश्रा के साथ 1988 से रहते थे। उनकी 10 साल पहले मौत हो चुकी है। जबकि, बेटा निखिल अपनी मां शांति देवी और अपने पत्नी बच्चों के साथ रहता था। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार है, शराब पीने का आदी भी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
15 दिन पहले पत्नी से विवाद हुआ तो वह मायके चली गई है। 47 वर्षीय निखिल के दो बच्चे हैं जो दिल्ली में रहकर तैयारी करते हैं। निखिल अपनी 82 वर्षीय मां के साथ घर में रहता था। मां शांति देवी गोरखपुर राजकीय इंटर कॉलेज (एडी) से प्रधानाध्यापिका पद से रिटायर्ड थीं।
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- फोटो : iStock
पांच दिन पहले मां की मौत होने पर बेटे निखिल ने न ही आसपास के लोगों को बताया, ना ही दाह संस्कार किया। शव को घर में छिपाने पर पुलिस बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की। नशेड़ी होने की वजह से वह कुछ नहीं बता पाया। वहीं, मोहल्ले के लोग इस तरह की घटना से हैरान हैं।
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सांकेतिक।
- फोटो : अमर उजाला
किरायेदार को एक महीने पहले घर से निकाला
राम दुलारे मिश्रा ने दो मंजिला मकान बनवाया था, जिसमें 10-12 कमरे हैं। जानकारी के अनुसार, निखिल मिश्रा शराब पीकर घर में विवाद करता रहता था, उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि मकान के प्रथम तल पर तीन-चार किराएदार थे। निखिल ने एक माह पहले विवाद करने के बाद उन्हें निकाल दिया। 15 दिन पहले पत्नी से भी विवाद किया, जिससे नाराज होकर वह मायके चली गईं।