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Gorakhpur Flood: गोरखपुर मंडल में फिर उफनाईं नदियां, अब 80 गांव बाढ़ के पानी से घिरे

Sat, 01 Aug 2020 11:48 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
तेज बारिश और गंडक नदी से पानी छोड़े जाने की वजह से गोरखपुर से होकर बहने वाली नदियां फिर उफना गईं हैं। राप्ती नदी भी खतरे का निशान पार गई है। यह नदी 81 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इसी का नतीजा है कि 12 और गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। अभी तक 68 गांव बाढ़ से प्रभावित थे। अब संख्या बढ़कर 80 हो गई है। 19 गांव ऐसे हैं, जो बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर चुके हैं।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
नदियों के उफनाने से बंधों पर जबरदस्त दबाव बना है। कटान और बाढ़ का खतरा है। इससे प्रशासनिक अफसर चिंतित है। कमिश्नर जयंत नार्लिकार शुक्रवार को खुद बंधों का निरीक्षण करने निकले। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सहजनवां के साथ कई बंधों का निरीक्षण भी किया। साथ ही बाढ़ से निपटने की तैयारियों की जानकारी भी ली। बहरहाल, नदियों के उफनाने से पानी आबादी क्षेत्र में घुस गया है। ग्रामीण मवेशी के साथ तटबंधों पर आ गए हैं। अब 80 गांवों में नाव से ही आने-जाने का साधन बचा हैै।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर सदर, सहजनवां, कैंपियरगंज, बांसगांव, गोला और खजनी तहसील में बाढ़ का पानी ज्यादा तबाही मचा रहा है। सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। किसानों का कहना है कि अब धान की फसल मिल पानी संभव नहीं है। इसका बड़ा असर धान की पैदावार पर भी पड़ेगा। दूसरी तरफ बहरामपुर गांव में पानी और भर गया है। ट्रांसपोर्ट नगर के आसपास भी कुछ क्षेत्रों में राप्ती नदी का पानी पहुंचा है। राजघाट स्थित श्मशान घाट पूरी तरह से डूब चुका है।

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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : amar ujala
एसडीएम, तहसीलदार को मानीटरिंग में लगाया
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने ज्यादातर एसडीएम, तहसीलदार की ड्यूटी बंधों की निगरानी में लगा दी है। शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सहजनवां और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर के साथ ही तमाम अफसर बंधों का निरीक्षण करने निकले। रैट होल सहित तमाम सुरक्षा के मानक भी परखे गए।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : amar ujala
अलर्ट पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ
बाढ़ के खतरे को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट हैं। अलग-अलग तहसील क्षेत्रों के 259 छोटी, बड़ी नाव का इंतजाम किया गया है। नाव के जरिए ही ग्रामीणों का आवागमन हो रहा है। एनडीआरफ की टीम स्टीमर के साथ राहत-बचाव कार्य में लगी है।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
सभी नदियां उफान पर
केंद्रीय जल आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले की सभी नदियां उफान पर हैं। राप्ती, घाघरा, रोहिन, गोर्रा और कुआनो नदी का आंकड़ा देर शाम तक जारी हो गया था। आमी नदी का जलस्तर भले ही नहीं मापा जाता है लेकिन यह नदी भारी तबाही मचाती है। सैकड़ों एकड़ फसलों को नष्ट कर देती है। आमी नदी भी उफनाई है।

नदी खतरे का निशान जलस्तर (मीटर में)
  • घाघरा (अयोध्या) 92.73 93.09
  • (तुर्तीपार) 64.01 64.31
  • राप्ती (बर्डघाट) 74.98 75.79
  • रोहिन (त्रिमुहानीघाट) 82.44 83.03
  • कुआनो (मुखलिसपुर) 78.65 78.28
  • गोर्रा (पिड़राघाट) 70.50 71.00
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