एडीजी अखिल कुमार।(फाइल)
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इसलिए सिपाहियों की बढ़ाई गई जिम्मेदारी
दरअसल, बीते दिनों गोंडा में एडीजी अफसरों के साथ मीटिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक बाइक चोर गिरोह के पकड़े जाने की जानकारी मिली। गिरोह का सरगना बस्ती के पशुरामपुर निवासी राजेश पांडेय था। गांव में उसका काफी उत्पात था, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी। पकड़े जाने के बाद मामला खुलकर सामने आया। एडीजी ने पीआरओ से बीट सिपाही से बात करने को कहा। पता चला कि बीट सिपाही को राजेश पांडेय के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जबकि थाने में उसके खिलाफ कई बार शिकायत आ चुकी थी। उधर, जब गांव के लोगों से संपर्क किया गया तो पता चला कि राजेश पांडेय अपने घरवालों से रोज ही मारपीट करता था। आए दिन रुपये छीन लेता था और इसकी शिकायत थाने तक भी पहुंची थी। इसी मामले के बाद एडीजी ने अब बीट सिपाही की जिम्मेदारी तय कर दी है।