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तस्वीरें: कोरोना से जंग के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार, ऐसे होगा जनता का बचाव

Tue, 06 Apr 2021 10:09 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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मास्क लगाकर नौकायन पर घूमते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से जंग जीतने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग ने निजी अस्पतालों को कोविड के मरीजों के इलाज की अनुमति दे दी है। पिछले साल जिन कोविड अस्पतालों को तैयार किया था, उन्हें फिर से शुरू किया गया है। मेडिकल कॉलेज में 300 बेड के कोविड अस्पताल को दोबारा शुरू किया गया है। जिला अस्पताल के सामने स्थित फोरेंसिक लैब और चरगांवा में कोविड जांच सेंटर में 24 घंटे सातों दिन जांच की जाएगी। शहरी क्षेत्र के 19 और ग्रामीण क्षेत्र के 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी जांच के निर्देश हैं। शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन 40 और ग्रामीण क्षेत्र में 50 लोगों की जांच अनिवार्य रूप से करनी है।

 
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gorakhpur corona - फोटो : अमर उजाला।
शहर के दो निजी अस्पतालों में शुरू हुई इलाज की सुविधा
पादरी बाजार स्थित फातिमा हास्पिटल और छात्र संघ चौराहा स्थित होप पैनेशिया हास्पिटल में कोविड मरीजों का इलाज किया जाएगा। हालांकि, यहां पर इलाज के लिए मरीजों को अच्छी खासी रकम खर्च करनी होगी। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों को जांच का लक्ष्य दिया गया है।

 
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लापरवाह बन रहे हैं लोग। - फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी में लेवल-टू और थ्री के मरीजों का होगा इलाज
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अलग से 500 बेड का कोविड अस्पताल बनाया गया था। फरवरी में जब कोविड मरीजों की संख्या कम हुई तो 200 बेड के कोविड अस्पताल को बंद कर दिया गया। साथ ही 300 बेड के कोविड अस्पताल में एक भी मरीज नहीं था। मार्च के अंतिम सप्ताह में मरीज बढ़े तो 300 बेड के कोविड अस्पताल को फिर शुरू कर दिया गया। इसमें पांच अप्रैल तक गोरखपुर और बस्ती मंडल के 61 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं जिनका इलाज चल रहा है।   
 

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gorakhpur corona - फोटो : अमर उजाला।
यहां भी बनाए गए कोविड अस्पताल
जिले में कोरोना के सक्रिय केस 500 से अधिक हो गए हैं। ऐसे में विभाग ने पिछले साल जिन कोविड अस्पतालों को तैयार किया था, उनको फिर से फिर से शुरू कर दिया है। इन अस्पतालों में 100 बेड का टीबी अस्पताल, 25 बेड का रेलवे अस्पताल शामिल है। इस बीच अगर बीआरडी मेडिकल कॉलेज और इन अस्पतालों में मरीजों की संख्या अधिक हो जाती है तो स्पोर्ट्स कॉलेज में बने कोविड अस्पताल का भी उपयोग विभाग करेगा।

 
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gorakhpur corona - फोटो : अमर उजाला।
यहां करा सकते हैं कोविड की जांच
कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण विभाग ने जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। जिला अस्पताल के सामने बनी फोरेंसिक लैब में सातों दिन 24 घंटे और चरगांवा में कोविड जांच सेंटर में भी सातों दिन 24 घंटे जांच की सुविधा शुरू कर दी गई है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के 19 और ग्रामीण क्षेत्र के 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। इन केंद्रों को टारगेट भी दिए गए हैं। शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन 40 और ग्रामीण क्षेत्र में 50 लोगों की जांच अनिवार्य रूप से करनी है। खास बात यह है कि इन जगहों पर एंटीजन के साथ-साथ आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लेना है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज और शहर के आठ ऐसे पैथोलॉजी हैं, जहां पर जांच की सुविधा उपलब्ध है। निजी पैथोलॉजी में जांच के लिए शुल्क देना होगा।

 
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सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय। - फोटो : अमर उजाला।
लेवल-टू और थ्री के अस्पताल बनाए गए
इस बार लेवल-वन के एक भी अस्पताल नहीं बनाए गए हैं। इसकी वजह यह है कि लेवल वन के मरीज होम आइसोलेशन में रह सकते हैं। जबकि, बीआरडी सहित रेलवे और 100 बेड टीबी अस्पताल में लेवल टू और थ्री के मरीजों के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं।  

सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। कोविड टीकाकरण भी तेजी से चल रहा है। निजी अस्पतालों को भी कोविड मरीजों के इलाज की अनुमति दी गई है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा उपलब्ध है।  

 
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