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जिस रेत में नहीं उगती थी फसल, इस शख्स ने हुनर व मेहनत के बल पर फैला दी हरियाली

Sun, 10 May 2020 02:37 PM IST
vivek shukla टीपी शाही, गोरखपुर।
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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले शमी व इकबाल अपने हुनर के दमपर रेत में भी हरियाली उगा देते हैं। दूर-दूर से लोग इनके द्वारा की गई खेती की जानकारी लेने आते हैं। फिलहाल इन्होंने 70 एकड़ रेत में हरियाली उगाकर लाखों रुपये कमा रहे हैं।
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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि शमी व इकबाल के परिजन दिल्ली में शास्त्री चौक के पास बसें हैं। परिवार के लोग राजस्थान व दिल्ली में नदी के किनारे रेत में सब्जी उगाने का काम करते हैं। वहीं इकबाल और शमी ने अपने बाप-दादा से रेत में हरियाली उगाने का हुनर सीखा।
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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
वे लोग कुछ अन्य साथियों के साथ जनपद के दक्षिणांचल में स्थित गगहा ब्लाक के गरोया कोल गांव पहुंचे। यह गांव राप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है, यहां अधिक रेत होने के कारण कोई फसल पैदा नहीं होती थी। यहां पहुंचने के बाद शमी ने ग्रामीणों से संपर्क किया और उनकी जमीन को सात हजार रुपये एकड़ पट्टा (कॉन्ट्रैक्ट) पर ले लिया। उसके बाद यहां सब्जी की खेती करने के लिए दिल्ली से 6 परिवार आए।

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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
ग्रामीण बताते हैं कि अक्टूबर में गांव के 70 एकड़ खेत में इन्होंने करीब 800 ट्राली गोबर की खाद डाली। इसके बाद नवंबर महीने में जेसीबी लगाकर नाला बनाया। उसमें करेला, लौकी, कोहड़ा आदि सहित अन्य सब्जियां उगाईं। जनवरी महीने में जहां रेत दिखाई पड़ती थी, वहां चारों तरफ हरियाली फैल गई।
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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
शमी बताते हैं कि फरवरी से सब्जियां निकलने लगी और उन्हें तोड़ने के लिए अगल-बगल के गांव की 50 महिलाओं को लगाया गया। इसके अलावा पूरे सीजन में सैकड़ों लोगों को इस खेत से रोजगार मिलता है। उन्हें पैसे के साथ-साथ मुफ्त में भी सब्जियां भी दी जाती हैं।

वहीं इरफान बताते हैं कि यहां खेती करने से पहले सब्जी मंडी के थोक व्यापारी पप्पू व देवरिया के मनीष ने उन्हें आर्थिक मदद की। आज गांव के चारों तरफ हरियाली ही हरियाली दिखाई पड़ रहा है। यहां से हर रोज 6-7 पिकअप सब्जियां गोरखपुर सब्जी मंडी जाती हैं।
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