Gorakhpur news
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ग्रामीण बताते हैं कि अक्टूबर में गांव के 70 एकड़ खेत में इन्होंने करीब 800 ट्राली गोबर की खाद डाली। इसके बाद नवंबर महीने में जेसीबी लगाकर नाला बनाया। उसमें करेला, लौकी, कोहड़ा आदि सहित अन्य सब्जियां उगाईं। जनवरी महीने में जहां रेत दिखाई पड़ती थी, वहां चारों तरफ हरियाली फैल गई।