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विकास की खुशी अधूरी: चौरीचौरा- मुंडेरा बाजार ओवरब्रिज का हाल, काम में देरी की मार, जाम-धूल से लोग बेहाल

Mon, 20 Mar 2023 01:14 PM IST
vivek shukla रामबाबू जायसवाल, गोरखपुर।
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चौरीचौरा- मुंडेरा बाजार ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले के चौरीचौरा-मुंडेरा बाजार रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए बनाए जा रहे ओवरब्रिज के काम की सुस्त रफ्तार ने क्षेत्र के लोगों को परेशान कर दिया है। अब तक जिस ओवरब्रिज का निर्माण आधे से अधिक हो जाना चाहिए था, वह महज 25 से 30 फीसदी ही बन सका है। निर्माण कार्य के चलते ऐतिहासिक चौरीचौरा स्मारक तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह बंद है। इन दिनों उधर से गुजरने वाले जाम और धूल के उठते गुबार से परेशान हैं। लोगों का कहना है कि कुछ महीने में बारिश में कीचड़ से चलना मुश्किल हो जाएगा।

69.44 करोड़ की लागत से 948 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जनवरी 2022 में शुरू हुआ था। सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर 2023 में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि मौके पर लगे कार्य संबंधी बोर्ड पर यह अवधि जून 2023 दर्ज है। लेकिन, चौरीचौरा स्मारक रोड की तरफ से शुरू हुआ निर्माण कार्य अब तक रेलवे क्रॉसिंग तक नहीं पहुंच सका है। दूसरी तरफ तो अभी पूरा निर्माण ही बाकी है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए अगले साल भी इस ओवरब्रिज के पूरा हो पाने की उम्मीद कम ही लग रही है।


 
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चौरीचौरा- मुंडेरा बाजार ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
काम में देरी का नतीजा लोग भुगत रहे हैं। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से आसपास के इलाके के लोगों का कारोबार चौपट हो गया है। ओवरब्रिज के नीचे पड़ने वाली दुकानें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कुछ दुकानों तक तो पहुंचने का मार्ग ही नहीं है तो कुछ तक जाने में ग्राहक कतराने लगे हैं। रोजगार चौपट होने से कुछ ने व्यवसाय बदल दिया है तो कुछ के सामने दुकान का किराया जुटा पाना कठिन हो गया है।

उधर, निर्माण कार्य की वजह से स्मारक रोड पर आवागमन बंद कर दिया गया है। क्राॅसिंग के पास से ही एक वैकल्पिक मार्ग है, जिससे लोग स्मारक और उसके आसपास के क्षेत्रों तक आते-जाते हैं। यह मार्ग भी ठीक नहीं होने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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चौरीचौरा- मुंडेरा बाजार ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
फर्राटा भरेंगे वाहन, समय बचेगा
कई ट्रेनों के आवागमन की वजह से चौरीचौरी-मुंडेराबाजार रेलवे क्राॅसिंग अक्सर बंद रहती है। ऐसे में दूर-दराज के लोगों के अलावा स्थानीय लोगों को भी काफी देर तक क्रॉसिंग पर खड़ा होना पड़ता है। रोजाना जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। मगर ओवरब्रिज का निर्माण हो जाने से गाड़ियां फर्राटा भरने लगेंगी। लोगों का समय बचेगा। ऐतिहासिक चौरीचौरा स्मारक तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।

रेलवे क्रॉसिंग के पास ब्रिज चार लेन का होगा
चौरीचौरा स्मारक रोड की तरफ से शुरूआत में यह ब्रिज दो लेन का होगा लेकिन, रेलवे क्राॅसिंग के पास चार लेन का हो जाएगा। दो लेन की सड़क भोपा बाजार चमड़ा मंडी की तरफ जाएगी तो दो लेन की मुंडेरा बाजार की ओर।

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फैक्ट फाइल
लंबाई : 948 मीटर
लागत : 69.44 करोड़
निर्माण कार्य शुरू हुआ : जनवरी 2022
निर्माण कार्य पूरा होने का समय : जून 2023
अब तक हुआ कार्य : 25 से 30 फीसदी

 

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चौरीचौरा- मुंडेरा बाजार ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
रेलवे की आपत्ति से काम धीमा हुआ
सेतु निगम परियोजना प्रबंधक एके सिंह ने कहा कि शुरू में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। जून 2023 में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य था, मगर बीच में रेलवे ने कुछ मामलों में आपत्ति लगा दी, जिसकी वजह से काम धीमा पड़ गया था। अब फिर तेजी लाई गई है। दिसंबर 2023 तक परियोजना पूरी हो जाएगी।

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डिजाइन में बदलाव की वजह से देर
बांसगांव सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण की मैं निरंतर निगरानी करता हूं। डिजाइन में बदलाव की वजह से थोड़ा विलंब हुआ है। पहले जो डिजाइन थी, उससे कई लोगों के घर एवं दुकानें जद में आ रहीं थीं, जिससे आम जन को काफी नुकसान उठाना पड़ता। इस कारण दूसरी डिजाइन तैयार कराई गई। ओवरब्रिज के निर्माण में थोड़ा समय लगता है। काम की रफ्तार इधर कुछ तेज हुई है।

धीमी रफ्तार से हो रहा नुकसान
स्थानीय दुकानदार दीपक कुमार ने कहा कि पिछले साल से ही ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बन जाने से तमाम समस्याओं से निजात तो मिल जाएगी लेकिन, काम की रफ्तार धीमी होने से बड़ा नुकसान हो रहा है। ग्राहक टूट गए हैं। किराया तक निकाल पाना मुश्किल है।


 
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चौरीचौरा- मुंडेरा बाजार ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।
अतिक्रमण हटने पर मिलेगा लाभ
स्थानीय व्यवसायी उमाकांत जायसवाल ने कहा कि मुंडेराबाजार होते हुए भगवानपुर मार्ग पर दोनों तरफ अतिक्रमण हटाना जरूरी है। इसे हटाने के बाद ही ओवरब्रिज का सही लाभ मिल सकेगा। अतिक्रमण की वजह से आने-जाने वालों को तो दिक्कत होती ही है। व्यवसाय भी प्रभावित होता है।

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गिनती के दो-चार ग्राहक आ रहे
स्थानीय दुकानदार मनीष जायसवाल ने कहा कि ओवरब्रिज का निर्माण तो शुरू हो गया लेकिन इसके नीचे व आसपास बनी सौ से अधिक दुकानों, मकानों के बारे में जिम्मेदारों ने नहीं सोचा। जब से काम शुरू हुआ है दुकानदारी चौपट हो गई है। पूरे दिन भर में गिनती के दो-चार ग्राहक ही आ रहे।

बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत
स्थानीय निवासी विश्वजीत शुभम ने कहा कि निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार से सबसे ज्यादा प्रभावित स्कूल और कॉलेजों के बच्चे हैं। इस मार्ग पर कई कोचिंग सेंटर और स्कूल-कॉलेज हैं। आवागमन प्रभावित होने से बच्चों को काफी दिक्कत हो रही है। व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।  

 
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