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यहां दर्जनों गांव के लोग रूखा-सूखा खाकर काट रहे जिंदगी, तस्वीरों में देखें किस तरह गुजार रहे दिन

Wed, 12 Aug 2020 09:16 AM IST
vivek shukla श्रीकांत शाही, गोरखपुर।
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Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर मंडल के राप्ती और सरयू नदी के कछार और दियारा में बाढ़ विभीषिका झेल रहे लोगों को दो जून की रोटी और दवा सहित पशुओं के लिए भूसे का संकट उत्पन्न हो गया है। बड़हलगंज क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ ने उन्हें संभलने तक का मौका नहीं दिया। चारों तरफ जलमग्न दर्जनों गांव के लोग किसी तरह दिन गुजार रहे हैं।
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Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।
लोगों को पेट भर भोजन भी नसीब नहीं हो रहा है। रूखा सूखा खाकर रात काटनी पड़ रही है। पीने के लिए शुद्ध पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। बाढ़ के पानी से घिरी करीब दो लाख की आबादी को नमक, तेल, लकड़ी सहित पशुओं के लिए चारे की परेशानी शुरू हो गई है। जलमग्न गांवों में प्रशासन की ओर से राहत सामग्री और दवाइयां नहीं पहुंचाई गईं।
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Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।
मुजौना गांव के पास मेन लाइन के हाईटेंशन तार पर पेड़ की डाल गिरने से 56 गांव में बिजली नहीं है। संचार सेवा भी ठप है। गांव तक नाव नहीं पहुंचने से पीड़ित जरूरत का सामान लेने भी नहीं जा पा रहे हैं। पीड़ितों के लिए माचिस, मोमबत्ती, भूसा और केरोसिन जैसी जरूरतों को प्रशासन अब तक पूरा नहीं कर सका।

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Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।
बगहा के रामदुलारे, जगदीशपुर की उर्मिला देवी, लखनौरी की पार्वती देवी, बगहा देवार के सूर्यनाथ, कोलखास की मुक्खा गौड़, राजेश, अशोक, पारस, संजू, कलावती, मिंता की झोपड़ी पानी से घिरी है। इन लोगों के घर में राशन खत्म हो रहा है। थोड़ा चावल बचा है जिससे एक वक्त का काम चल रहा है।
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Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।
इन लोगों का कहना है कि गांवों में पल-पल हालत बिगड़ रहे हैं। लोग बाढ़ का पानी पीकर बीमार हो रहे हैं। उनके इलाज की व्यवस्था नहीं है। गांव में डॉक्टर की टीम और राहत सामग्री नहीं आई तो संकट और गहराएगा।
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Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।
वहीं एसडीएम गोला राजेंद्र बहादुर ने कहा कि गांव में जरूरत के सामानों के पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डेरवा की दो टीमों ने लगातार जलमग्न गांव में कैंप कर दवाइयां पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। नदियों का जलस्तर भी कम हो रहा है। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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