गोरखपुर में छठ।
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जैसे-जैसे अर्घ्य देने का समय निकट आया, घाटों पर छठ माता के जयकारे गूंजने लगे। परिवार के पुरुष सदस्यों और पंडितों ने सूर्य देव को अर्घ्य दिलाया। गोरखनाथ मंदिर में भी छठ पूजा के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं भीम सरोवर पहुंचीं और सूर्य को अर्घ्य देकर संतान की दीर्घायु के लिए प्रार्थना किया।
ऐसा ही नजारा सूर्यकुंड धाम पर देखने को मिला। महानगर के असुरन चौक, रुस्तमपुर, विष्णुपुरम, बौलिया कॉलोनी, कूड़ाघाट, आवास विकास कॉलोनी, इंजीनियरिंग कॉलेज, बिलंदपुर, गोरखपुर विश्वविद्यालय, बेतियाहाता, मोहद्दीपुर, शाहपुर,सहारा इस्टेट, गीता वाटिका, पादरी बाजार सहित महानगर के तमाम मोहल्लों और कॉलोनियों के आसपास अस्थायी तालाब बनाए गए हैं, जहां व्रती महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद घरों में छठ माता की कृपा पाने के लिए कोशी भरी गई। कइयों ने मन्नत पूरी होने के बाद छठ माता के प्रति आस्था निवेदित करते हुए कोसी भरी। माताओं ने कोसी पर दीप जलाकर छठ माता की पूजा-अर्चना की। रात्रि जागरण कर पूरी रात छठ माता की आराधना में लगी रही।