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Chhath Puja 2023: हे छठी मईया हर लीं बलैया, रिमिक झिमिक बोलेली छठी मईया

Mon, 20 Nov 2023 10:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। राप्ती के आसपास एनडीआरएफ की तैनाती की गई। रामगढ़ ताल के आसपास पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। व्रती महिलाओं को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसलिए सड़कों पर भी सुरक्षा के इंतजाम किए गए।
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पुत्र का मन्नत पूरा होने के बाद गंगेज चौराहे पर रहने वाली पूजा वर्मा गोरखनाथ मंदिर में लेट कर छ
गोरखपुर में दोपहर तीन बजे नार्मल टैक्सी स्टैंड से राप्ती नदी के घाट की तरफ सिर पर पूजा सामग्री और दउरा लेकर राप्ती नदी के घाटों पर जाते लोग। पीछे- पीछे ....... हे छठी मईया हर लीं बलैया, रिमिक झिमिक बोलेली छठी मईया,‘सुनिह अरज छठी मइया, बढ़े कुल-परिवार...’ ‘हे छठी मईया हर लीं बलैया हमार...’ ‘कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए...’, छठ गीत गाती महिलाएं।

ये नजारा छठ पर्व के तीसरे दिन राजघाट, तकिया घाट का रहा। जहां व्रती महिलाओं ने पानी में खड़े होकर अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य दिया। साथ ही बेटे, पति की लंबी उम्र की मंगलकामना की। सोमवार को तड़के अरुणोदय पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं व्रत का पारण करेंगी। चार दिवसीय छठ महापर्व के तीसरे दिन दोपहर से ही राप्ती नदी के घाट पर भीड़ जुटना शुरू हो या था। शाम तक घाट खचाखच भर गया।

तमाम लोग बैंडबाजे के साथ घाटों तक पहुंचे। अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देने का सिलसिला करीब शाम पांच बजे से शुरू हुआ, जो कि शाम छह से साढ़े छह बजे तक चलता रहा। नदी के किनारे भीड़ ऐसी जुटी कि पैदल चलना मुश्किल हो गया। जैसे ही अर्घ्य का समय आया घाटों पर छठ माता के जयकारे गूंजने लगे। शाम को अरुण देव की लालिमा निहारते हुए महिलाओं ने मां षष्ठी का आह्वान किया। परिवार के पुरुष सदस्यों और उनके रिश्तेदार बच्चों ने अर्घ्य दिया।


 
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गोरखपुर में छठ। - फोटो : अमर उजाला।
तुर्कमानपुर से घाट तक लेटते पहुंचा
तुर्कमानपुर के गौरव के परिवार में लोग पीढि़यों से छठ का व्रत करते हैं। इन्होंने एक मनौती मांगी थी, जो पूरी हो गई। इसका श्रेय उन्होंने छठी मइया को दिया और लेटकर घाट तक पहुंच वहां अर्घ्य दिया। उनके साथ परिवार की ही एक युवक जमीन पर चाक से लाइन खींच रहा था और गौरव घाट की तरफ बढ़ रहे थे।

दुर्गा पार्क में मैच का लाइव प्रसारण और अर्घ्य भी
जगन्नाथपुर दुर्गा मंदिर में अस्थाई तालाब बनाकर मैच का लाइव भी दिखाया जा रहा था। घाट के एक सिरे पर ऊपरी तरफ से एलईडी टीवी लगी थी। घाट पर पहुंचने वाले लोग अपने घर की महिलाओं के साथ बेदी के पास खड़े होकर सूर्य के अस्त होने का इंतजार और मैच का दीदार करते रहे। संयोजक शिव चरन रावत ने बताया कि अर्घ्य के साथ एलईडी का इंतजाम था। घाट को सजाया-संवारा गया था। लाइटिंग के विशेष इंतजाम किए गए। व्रती महिलाओं के परिवारवालों ने इन अस्थायी घाटों की सुंदर ढंग से सजावट की थी।
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गोरखपुर में छठ। - फोटो : अमर उजाला।
अपर नगर और एसपी सिटी रहे मौजूद
अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा और सहायक नगर आयुक्त मणि भूषण तिवारी राप्ती घाट पर मौजूद रहे। नगर निगम की तरफ से सफाईकर्मी और अन्य कर्मचारी घाट पर मौजूद रहे। घाट पर लगातार साफ-सफाई होती रही। वहीं, एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई भी घाट पर मौजूद रहे। घूम घूमकर उन्होंने घाट का निरीक्षण किया। सुरक्षा की समीक्षा करते रहे।

 

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गोरखपुर में छठ। - फोटो : अमर उजाला।
खूब भा रही थी नगर निगम की रंगोली
नगर निगम की तरफ से गोरक्षघाट के प्रवेश द्वार पर ही रंगोली बनाई गई थी। जलते दीप के साथ चारों तरफ रंगो से खिली रंगोली और नीचे नगर निगमस गोरखपुर लिखकर इसे सजाया गया। लोगों ने इसे अपने मोबाइल में कैद किया। रंगोली के पास खड़े होकर युवाओं ने फोटो भी खिंचवाया

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। राप्ती के आसपास एनडीआरएफ की तैनाती की गई। रामगढ़ ताल के आसपास पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। व्रती महिलाओं को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसलिए सड़कों पर भी सुरक्षा के इंतजाम किए गए।
 
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गोरखपुर में छठ। - फोटो : अमर उजाला।
दंडवत होकर छठ घाट पहुंची पूजा
शहर के गंगेज चौराहे की रहने वाली पूजा वर्मा मन्नत पूरी होने के बाद इस बार छठ पर दंडवत होकर छठ घाट पहुंची। पूजा ने बताया कि वह 12 वर्षों से छठ व्रत रह रही हैं। पहले उनकी तीन बेटियां थीं। उन्होंने छठ माता से मन्नत मांगी थी कि अगर बेटा होगा तो दंडवत होकर छठ घाट जाएंगी। इस वर्ष मई में उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई। इस बार छठ पर गोरखनाथ मंदिर के मुख्यद्वार से मंदिर परिसर स्थित भीम सरोवर तक वह दंडवत होकर पहुंची और विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।
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