गोरखपुर दोहरे हत्याकांड का आरोपी रात में विमला और उनकी मां संग शराब पीता था। आरोपी एक माह से चोरी की साजिश रच रहा था। वारदात के बाद अलमारी से नकदी, ब्रेसलेट और अंगूठी लेकर भाग गया था।
गोरखपुर के शाहपुर के घोषीपुरवा निवासी विमला और उनकी मां शांति देवी, दोनों रजत को बेटे जैसा मानती थीं। रात में कई बार तीनों साथ बैठकर शराब पीते थे। इसी नजदीकी का फायदा उठाकर रजत घर के भीतर रखे रुपयों और गहनों पर नजर गड़ाए हुए था।
चोरी की कई कोशिशों में नाकाम रहने के बाद उसने वारदात की रात हर हाल में काम पूरा करने का निश्चय कर लिया था। रजत ने पुलिस को बताया कि वह 23 नवंबर को रात 10 बजे रम की बोतल लेकर विमला के घर पहुंचा। शांति देवी बाहर के कमरे में लेटी थीं और उन्होंने उसे हमेशा की तरह बेटे की तरह बुलाया।
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मां और बहन की हत्या का खुलासा होने पर आरोपी का नाम सुनकर रोती
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अंदर कमरे में विमला थीं, जिसने रजत की मां को फोन कर पराठे बनवाए। कुछ देर बाद विमला रजत के घर जाकर पराठा लेकर आईं। रजत ने पैग बनाए, लेकिन नशा विमला पर खास असर नहीं कर पाया। यहीं उसकी साजिश फेल होते नजर आई। वह शराब पिलाकर अचेत करना चाहता था।
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शांति और विमला का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद उसने वहीं पड़े हथौड़े को उठाया और विमला के सिर पर कई वार किए। विमला की चीखों के बीच वह तब तक वार करता रहा, जब तक वह शांत नहीं हो गईं। तभी बाहर से शांति देवी की आवाज आई क्या हुआ। रजत के मुताबिक उसे डर था कि पहचान खुल गई तो वह पकड़ा जाएगा। इसलिए उसने शांति देवी के सिर पर भी उसी हथौड़े से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
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हत्याकांड का खुलासा करते एसपी सिटी अभिनव त्यागी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोनों को मारने के बाद वह अलमारी से नकदी व जेवर निकाल लिया। विमला के हाथ से ब्रेसलेट और अंगूठी भी उतार कर घर जाकर आराम से सो गया। हैरानी की बात यह है कि वारदात के बाद वह सामान्य बना रहा। दूसरे दिन मजे से घूमता रहा। मां-बेटी के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ। सबके सामने रोया भी, ताकि किसी को शक न हो। सुशीला जब लखनऊ से आईं, तब भी वह उनके साथ रहा।
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मां-बेटी की हत्या का खुलासा करते एसपी सिटी व गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी के पास से ये हुआ बरामद
16.94 ग्राम की सोने की चेन, करीब 18 ग्राम गला सोना, एक अंगूठी, मोबाइल, 50 हजार रुपये और एक हथौड़ा।
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मां-बेटी की हत्या के मामले की जांच करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रजत की गिरफ्तारी से मोहल्ले ने ली राहत की सांस
वारदात के पर्दाफाश के बाद मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली। दरअसल, पुलिस ने पिछले 10 दिन में 100 से अधिक लोगों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए थे। आए दिन पुलिस की दबिश और पूछताछ से कॉलोनी और आसपास के लोग परेशान हो गए। शिकायत उन्होंने एसपी सिटी से की थी। लोगों का कहना था कि रजत देखने में बेहद सीधा और शांत स्वभाव का लगता था।
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शांति और विमला का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि वही दो हत्याओं को अंजाम दे देगा। मोहल्ले वालों का कहना था कि विमला का रजत के घर आना-जाना काफी था। शांति देवी भी रजत को बेटे की तरह मानती थीं। घटना के बाद सुशीला जब लखनऊ से लौटीं तब भी वह रजत के घर ही रुकी थीं। इसलिए किसी को इस पर शक करने की जरा भी गुंजाइश नहीं थी।
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दोहरे हत्याकांड के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता और पार्षद प्रतिनिधि ने दी थी महत्वपूर्ण सूचना
हत्या के बाद रजत लगातार मासूम बनकर घूम रहा था। लेकिन जिस समय पुलिस मोहल्ले में जानकारी जुटा रही थी, तब सबसे पहले रजत के पिता और पार्षद प्रतिनिधि ने ही पुलिस को सूचना देकर संदेह दूर करने में बड़ी भूमिका निभाई।
दोहरे हत्याकांड के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गलत संगत में पड़ गया था रजत
रजत दो बहनों में एकलौता है। परिवार ने बताया कि उसे किसी तरह की आर्थिक तंगी नहीं थी, फिर भी वह गलत संगत में पड़कर रुपयों का लालची हो गया था। रजत ने करीब एक साल पहले ही कार खरीदी थी। यह बात भी मोहल्ले के लोगों को हैरान कर रही है कि इतने खर्चों के बावजूद उसने लूट और हत्या जैसे कदम क्यों उठाए।