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तस्वीरें: टोक्यो ओलंपिक की इस स्टार हॉकी खिलाड़ी के हुनर को गोरखपुर की बेटी ने संवारा, इस अवार्ड से हो चुकी हैं सम्मानित

Fri, 27 Aug 2021 02:43 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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गुरजीत कौर और पूर्वोत्तर रेलवे की कोच पुष्पा श्रीवास्तव। - फोटो : अमर उजाला।
तीन बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को टोक्यो ओलंपिक में 1-0 से हराने में अहम भूमिका निभाने वाली भारतीय ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर के हुनर को गोरखपुर की बेटी पुष्पा श्रीवास्तव ने संवारा है। भले ही ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम पदक हासिल करने से चूक गई, मगर 41 साल बाद क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए देश की बेटियों ने जो जज्बा दिखाया, हॉकी के प्रशंसक उनके मुरीद हो गए।

कम लोग जानते होंगे कि महिला हॉकी की जान गुरजीत कौर और निशा को तराशने में गोरखपुर की बेटी और पूर्वोत्तर रेलवे की कोच पुष्पा श्रीवास्तव ने अहम भूमिका निभाई है। गोरखपुर में ही पली-बढ़ी और यहीं से एनई रेलवे में नौकरी की शुरुआत करने वाली पुष्पा श्रीवास्तव वेटरन कैटेगरी में साल 2015-16 में रानी लक्ष्मी बाई अवार्ड से सम्मानित हो चुकी हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर...
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महिला हॉकी की जान गुरजीत कौर और निशा के साथ गोरखपुर की बेटी और पूर्वोत्तर रेलवे की कोच पुष्पा श्रीवास्तव। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर के बाद उन्हें इलाहाबाद डीआरएम ऑफिस में पोस्टिंग मिली। वहां पर उन्हें 2011-12 में हॉकी टीम को नए सिरे से खड़ा करने की जिम्मेदारी मिली। पुष्पा होनहारों की तलाश में देश की खाक छानने में जुट र्गइं। कई प्रदेशों में जाकर खिलाड़ियों की तलाश की। टीम बनाई, जिसमें गुरजीत और निशा जो ओलंपिक 2020 में टीम इंडिया का हिस्सा रहीं, उनका भी चयन किया। चार साल की कड़ी मेहनत के बाद अगस्त 2016 में गुरजीत और निशा की एनसीआर में नियुक्ति हुई। मुख्य रूप से पंजाब के अमृतसर की रहने वाली गुरजीत पी ब्रांच की कार्मिक शाखा में सीनियर क्लर्क के तौर पर काम कर रही हैं, जबकि हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली निशा की पोस्टिंग कामर्शियल डिपार्टमेंट में है।
 
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महिला हॉकी की जान गुरजीत कौर और निशा के साथ गोरखपुर की बेटी और पूर्वोत्तर रेलवे की कोच पुष्पा श्रीवास्तव। - फोटो : अमर उजाला।
1977 में स्पोर्ट्स हॉस्टल से पुष्पा ने की शुरुआत
साल 2015-16 में रानी लक्ष्मी बाई अवार्ड के लिए वेटरन कैटेगरी में सम्मानित पुष्पा श्रीवास्तव का जन्म गोरखपुर में हुआ। वह वर्तमान में इलाहाबाद हॉकी की सेक्रेटरी, मंडल की सचिव, यूपी की उपाध्यक्ष और एनसीआर की हॉकी कोच की जिम्मेदारी निभा रही हैं। पुष्पा श्रीवास्तव की शादी 1991 में अलोपीबाग इलाहाबाद के रहने वाले अजीत श्रीवास्तव से हुई। वह इस समय सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट में काम कर रहे हैं। गोरखपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में पुष्पा ने 1977 में प्रवेश लिया।
 

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टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करने वाली हॉकी खिलाड़ी गुरजीत कौर और निशा वारसी का प्रयागराज स्थित एनसीआर रेलवे मुख्यालय में स्वागत किया गया था। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
कोच बुला गांगुली के निर्देशन में हॉकी का हुनर सीखा। 17 साल की उम्र में उन्हें रेलवे में नौकरी भी मिल गई। टीम इंडिया की ओर से 1983, 85 और 87 के दौरान रूस में उन्हें टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला। वहीं 1985 में आयोजित इंदिरा गांधी गोल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। 1984 में चीन, 85 में अर्जेंटीना और जापान में खेली गयी प्रतियोगिता के साथ 10वें एशियन गेम्स में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। 1988 और 89 में जर्मनी के साथ दिल्ली में इंदिरा गोल्ड कप खेला था, जिसमें टीम इंडिया ने रजत पदक हासिल किया।

 
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गुरजीत कौर - फोटो : सोशल मीडिया
गुरजीत की हॉकी स्टिक ने बिखेरी चमक
टोक्यो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध एकलौता गोल करने वाली गुरजीत कौर पहले भी रेलवे और इसके बाद टीम इंडिया के लिए कमाल दिखा चुकी हैं। एशियन गेम्स जकार्ता में इनके ही गोल से टीम इंडिया ने सेमिफाइनल में जगह बनाई। वहीं वर्ल्ड कप, कॉमनवेल्थ जैसे गेम्स में गुरजीत टीम इंडिया का हिस्सा रह चुकी हैं। गुरजीत का खेल काफी अच्छा था, जिसकी वजह से पहले इंडियन रेलवे फिर नेशनल टीम और इसके बाद इंडिया कैंप और टीम इंडिया का हिस्सा बनने में उन्हें ज्यादा वक्त नहीं लगा। 2018 में उनका सपना पूरा हो गया। वहीं निशा की यह पहली बड़ी प्रतियोगिता थी। उनका चयन टीम इंडिया के लिए एक साल पहले ही हो गया था, लेकिन कोविड की वजह से उन्हें प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिला। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में उन्होंने उम्दा प्रदर्शन किया।
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