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एक्सक्लूसिव: मार्च के बाद आसमान छूने लगेगी महंगाई, जानिए किस वजह से बढ़ रही हैं इन सामानों कीमतें

Mon, 22 Feb 2021 10:58 AM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
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महंगाई की मार से लोग परेशान। - फोटो : अमर उजाला।
डीजल की कीमतें बढ़ने से माल भाड़े में बढ़ोतरी हो गई है। इसकी वजह से तकरीबन हर वस्तु महंगी हो गई है। खाने-पीने की चीजों से लेकर घर बनाने की निर्माण सामग्रियों की कीमतों में भी 15-20 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। इसके अलावा लोगों का आवागमन भी महंगा हो गया है। वहीं, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की घोषणा के अनुसार एक मार्च के बाद माल-भाड़े में और बढ़ोतरी होनी है। ऐसे में तकरीबन सभी चीजों की कीमतें बढ़ेंगी और महंगाई आसमान छूने लगेगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : iStock
चार महीने में डीजल 10 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। नवंबर में डीजल 71.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था। फरवरी में फिलहाल डीजल की कीमत 81.44 रुपये हो गई है। डीजल के दाम बढ़ने से भवन निर्माण सामग्रियों (गिट्टी, मोरंग, ईंट, सरिया) की कीमतें 25 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। वहीं, सबसे ज्यादा मार किचन पर पड़ी है। सब्जी, राशन से लेकर खाद्य तेलों तक की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। नई फसल की आवक के बावजूद दालों की कीमतों में भी कमी नहीं आई, क्योंकि उसमें माल भाड़ा जोड़ दिया जा रहा है।
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आलू और प्याज की कीमतें बढ़ीं। - फोटो : अमर उजाला।
आलू और प्याज के दामों में इजाफा होने का एक कारण डीजल का बढ़ा हुआ दाम भी है। जानकार बताते हैं कि कुछ चीजों की ढुलाई के लिए भाड़े में वृद्धि हुई है, जबकि कुछ मामलों में कंपनियों ने अपने फ्राइट ऑन रोड (एफओआर) में बढ़ोतरी कर दी है। इसका मतलब है कि उत्पाद बनाने वाली कंपनी से माल पहुंचाने में जो खर्च आ रहा है उसे भी वस्तु की कीमत में जोड़ दिया जा रहा है। इस तरह माल भाड़ा भले ही घोषित तौर पर नहीं बढ़ा है, लेकिन वसूला जा रहा है। इसकी कीमत उपभोक्ताओं को ही चुकानी पड़ रही है।

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मनीष चांदवासिया। - फोटो : अमर उजाला।
एफओआर में पांच से सात हजार रुपये का इजाफा
चेंबर ऑफ ट्रेडर्स के पूर्व अध्यक्ष मनीष चांदवासिया ने बताया कि घी, तेल, दाल और चावल का कारोबार करने वाली कंपनियां एफओआर सिस्टम पर काम करती हैं। इसके तहत कंपनी से थोक विक्रेता की दुकान या गोदाम तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट पर जो खर्च आता है उसे भी वस्तु के मूल्य में जोड़ दिया जाता है। इस वजह से उत्पाद की कीमतें बढ़ जाती हैं। तीन माह पहले आगरा से दस टन वाली गाड़ी जितने किराये में गोरखपुर आ जाती थी, अब उसमें पांच से सात हजार रुपये (एफओआर) का इजाफा हो गया है।  
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दाल - फोटो : अमर उजाला।
नई फसल आने के बावजूद दाल के दाम नहीं घटे
सरसों का तेल दिसंबर में 128 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा था। अब होलसेल में रेट 152 रुपये प्रति लीटर है। इसी तरह दाल की कीमतों में नई फसल की आवक के बावजूद कमी नहीं आई है। सभी कंपनियों ने एफओआर में पांच से सात हजार रुपये का इजाफा कर दिया है। यह बढ़ोतरी डीजल की बढ़ी कीमतों की वजह से है।
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विनोद दुबे। - फोटो : अमर उजाला।
गिट्टी-मोरंग की कीमतों में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
ट्रक संचालक विनोद दुबे ने बताया कि गोरखपुर में जालौन, बांदा, हमीरपुर से मोरंग मंगाया जाता है। झांसी, कबरई, महोबा आदि स्थानों से गिट्टी मंगाई जाती है। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से इनकी कीमतों में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो गई है। अक्तूबर और नवंबर में मोरंग 70 रुपये प्रति घनफीट मिल जाता था, अब उसकी कीमत 85 से 90 रुपये प्रति घन फीट तक पहुंच गई है। गिट्टी की कीमत 70 रुपये प्रति घन फीट से बढ़कर 82 रुपये तक पहुंच गई है।
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शम्स तबरेज। - फोटो : अमर उजाला।
डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़े प्याज के दाम
आलू-प्याज के थोक व्यापारी शम्स तबरेज ने बताया कि आवक कम होने के साथ ही मालभाड़े में बढ़ोतरी की वजह से प्याज की कीमतों में इजाफा हुआ है। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से देखा जाए तो प्रति किलो एक रुपये की दर से प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। गोरखपुर में नासिक से आने वाला प्याज 45 से 48 रुपये, मध्यप्रदेश के शाहजहांपुर से आने वाला प्याज 44-45 रुपये, गुजरात के भावनगर से आने वाला प्याज 40 रुपये और बंगाल से आने वाला प्याज 25 रुपये प्रति किलो के हिसाब से थोक में बिक रहा है।

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सनूप साहू। - फोटो : अमर उजाला।
पंखा, सिलाई मशीन की कीमतों में भी बढ़ोतरी
साहू समूह के प्रबंध निदेशक सनूप साहू ने बताया कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का ज्यादा असर स्थानीय स्तर पर माल ढुलाई पर पड़ा है। पहले छोटी गाड़ी से देवरिया माल भेजने में 1400 रुपये खर्च करना पड़ता था, अब 1800 रुपये लग रहे हैं। निचलौल भेजने में 1700 रुपये के स्थान पर 2200 रुपये देना पड़ रहा है। वहीं, लोहे के दाम में बढ़ोतरी की वजह से पंखे की कीमत में 150 रुपये तो सिलाई मशीन की कीमत में 700 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। माल भाड़ा और कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से बिक्री काफी प्रभावित हो रही है।
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मनीष सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
एक मार्च से माल-भाड़े में होगी 15-20 प्रतिशत की बढ़ोतरी
गोरखपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष सिंह ने बताया कि पिछले चार महीनों में डीजल की कीमतों में दस रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हो गई है। इस वजह से परिवहन में नुकसान झेलना पड़ रहा है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने एक मार्च से माल-भाड़े में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की मंजूरी दी है। डीजल के अलावा सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों के मालभाड़े में भी बढ़ोतरी होगी।
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