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वीडियो वायरल: टैंकरों से रास्ते में चोरी हो रहा है डीजल-पेट्रोल, जीपीएस के बाद भी जारी है गोरखधंधा

Wed, 08 Sep 2021 01:45 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष ने जारी किए वीडियो और फोटो
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टैंकर से पेट्रोल चोरी करते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले में सड़क के किनारे स्थित एक ईंट भट्ठे के पास खड़े टैंकर से पेट्रोलियम पदार्थ चोरी किए जाने की वीडियो सहित कई फोटो वायरल हो रहे हैं। पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुलिस और पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों की लापरवाही से तेल चोरी किए जाने का आरोप लगाया है। पदाधिकारियों ने प्रशासन से तेल चोरी रोकने की मांग की है।        

वायरल वीडियो में एक तेल टैंकर मुख्य सड़क से दूर एक ईंट भट्ठे के पास खड़ा दिखाई दे रहा है। एक व्यक्ति टैंकर की छत पर चढ़ा है। सड़क पर एक दो युवक एक ड्रम लिए खड़े हैं। इनमें से एक युवक टैंकर के की छत पर चढ़े युवक को पाइप पकड़ाता है। ऊपर चढ़ा युवक टैंकर के एक चेंबर का ढक्कन खोलता है और पाइप के जरिए नीचे रखे ड्रम में पेट्रोलियम पदार्थ निकालता है। ड्रम भर जाने पर एक युवक उसे उठाकर ईंटों के चट्टे के पास रखता है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...

 
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पेट्रोल चोरी करते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
इस दौरान पुलिस के हूटर की आवाज भी सुनाई देती है। पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन गोरखपुर मंडल के अध्यक्ष राजन शाही का दावा है कि पेट्रोल-डीजल चोरी किए जाने का स्थान चौरीचौरा थाना क्षेत्र के मझना नाला पुल से लेकर देवीपुर के बीच का लगता है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के एक अन्य पदाधिकारी का कहना है कि देवरिया-गोरखपुर मुख्य मार्ग जैसे सतहवा ढाला, देवीपुर और उसके आसपास कई जगहों पर टैंकरों से तेल चोरी किया जाता है। तेल माफिया ने सड़क किनारे स्थित बाग या मैदान में बड़े गेट लगाकर अहाते बना रखे हैं। चालक इन अहातों में टैंकर ले जाते हैं, वहां प्रति टैंकर 150 से 200 लीटर तेल निकाल लिया जाता है।

 
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चोरी का वीडियो हुआ वायरल। - फोटो : अमर उजाला।
टैंकरों में जीपीएस तो कैसे हो रही चोरी?
राजन शाही बताते हैं कि पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से इन टैंकरों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाया गया है। इन टैंकरों की लगातार मॉनिटरिंग के लिए डिपो में बाकायदा अधिकारी तैनात हैं। तेल चोरी का धंधा पुलिस और पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की लापरवाही के कारण हो रहा है। वीडियो में पुलिस वाहन के हूटर की आवाज आने के बावजूद तेल चोरी हो रही है इसका अर्थ है कि चोरों में पुलिस का डर नहीं है। इसी तरह पेट्रोलियम कंपनी के अधिकारी भी जीपीएस के आधार पर रूट से अलग जाने वाले और काफी देर तक खड़े रहने वाले टैंकरों की जांच पड़ताल नहीं करते। पंप संचालक शुद्ध और सही तौल के साथ तेल बेचते हैं, लेकिन टैंकरों से 150 से 200 लीटर तक कम तेल मिलने से उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

 

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चर्चा का विषय बना वायरल वीडियो। - फोटो : अमर उजाला।
डिपो प्रबंधक बैतालपुर डिपो ओम प्रकाश दिलावर ने कहा कि डिपो से सभी टैंकरों पर जीपीएस लगा है। उनके रूट की मॉनिटरिंग की जाती है। रूट पर यदि कोई टैंकर आधे घंटे तक रुकता है तो उसे ट्रैक किया जा सकता है। पांच-दस मिनट रुकने की जानकारी जीपीएस पर ट्रैक नहीं होती। यदि किसी टैंकर में शार्टेज (तेल मात्रा से कम) की शिकायत आती है तो जांच अवश्य की जाती है अभी तक किसी भी टैंकर में शार्टेज होने की शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock
सीओ चौरीचौरा जगत कन्नौजिया ने कहा कि हाईवे पर दिन और रात दोनों समय गश्त की जाती है। पेट्रोल-डीजल चोरी किए जाने की कोई घटना संज्ञान में नहीं आई है। यदि डीजल-पेट्रोल चोरी की घटना संज्ञान में आएगी तो निश्चित ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
 
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