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सावधान! कोरोना प्रोटोकॉल का करें सम्मान: कहीं रूस और चीन की तरह न हो जाए यहां का हाल, हर जगह दिख रही लापरवाही

Sat, 30 Oct 2021 02:49 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

यहां भी त्योहारों के मद्देनजर बढ़ती जा रही है भीड़, चेहरों से मास्क उतरे, हर जगह दिख रही लापरवाही
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बिना मास्क लगाए बेखौफ घूमते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में जिस तरह से लोगों ने कोरोना प्रोटोकॉल की उपेक्षा करनी शुरू कर दी है, कहीं रुस-चीन जैसा यहां का हाल भी न हो जाए। दुनिया के 53 से अधिक देशों में कोरोना के चलते बिगड़ते हालात को देखकर यह आशंका बढ़ती जा रही है। चीन ने संक्रमण के प्रसार से घबराकर फिर से लॉकडाउन लागू कर दिया है। रूस में कोरोना का कहर जारी है। वहां रिकॉर्ड मौतें हुई हैं। यूक्रेन और बुल्गारिया में भी हालात बदतर हो गए हैं। भारत के कर्नाटक, केरल जैसे राज्यों में कोरोना ने फिर से दस्तक दे दी है, पर इन खबरों से भी कोई सबक लेने को तैयार नहीं है।  

विदेशों एवं भारत के कुछ राज्यों में कोरोना बढ़ने का कारण लोगों की लापरवाही रही है। इसी तरह की लापरवाही हर कदम पर यहां भी हो रही है। लोगों के चेहरे से मास्क उतर गए हैं। लोग सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि अगर लोग सतर्क नहीं हुए तो त्योहारों में संक्रमण की रफ्तार बढ़ सकती है।

जानकारी के मुताबिक जिले में संक्रमण की रफ्तार बेहद कम हो चुकी है। एक्टिव केस मात्र चार रह गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की बात करें तो पिछले साल 26 अप्रैल को कोरोना का पहला केस मिला था। पहली लहर में एक मार्च तक 2021 तक 21 हजार 700 लोग संक्रमित हो चुके थे और 367 मरीजों की मौत भी हुई थी।

 
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बिना मास्क लगाए जिला अस्पताल में मौजूद लोग। - फोटो : अमर उजाला।
25 अप्रैल को सर्वाधिक संक्रमित मिले थे
कोरोना की दूसरी लहर में पहली मार्च से लेकर चार अक्तूबर तक 37 हजार 733 लोग शिकार हुए। इस दौरान 482 की मौत हो चुकी है। दूसरी लहर में 25 अप्रैल को जिले में सबसे ज्यादा संक्रमित 1440 संक्रमित मिले थे। इसके अलावा 30 अप्रैल को सक्रिय मरीजों की संख्या भी सबसे अधिक 10308 थी। अप्रैल में ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मौतों का सिलसिला जारी था। हर दिन 10-15 संक्रमितों की मौत हो रही थी।

इन सबके बीच चार अक्तूबर को जिला कोरोना मुक्त भी हुआ था, लेकिन फिर से 11 अक्तूबर को केस मिले गए। इसके बाद से लगातार केस मिलते रहे और एक्टिव मामले फिर से चार हो गए हैं। इन सबके बीच विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि दीपावली और छठ में मुंबई, केरल, तमिलनाडु जैसे राज्यों से लोग जिले में आएंगे। ऐसे में अगर एक व्यक्ति भी संक्रमित मिला तो वह कई और लोगों को चपेट में लेगा। ऐसी स्थिति में अगर कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ तो यह लोगों के लिए खतरे की घंटी है।
 
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बिना मास्क प्रवचन सुनने बैठे लोग। - फोटो : अमर उजाला।
एक व्यक्ति तीन को कर सकता है संक्रमित
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि अगर एक व्यक्ति संक्रमण का शिकार हुआ तो वह कम से कम तीन व्यक्ति को जरूर संक्रमित करेगा। इसके बाद से संक्रमण की जो शृंखला बढ़ेगी, वह लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन सकती है। पहली और दूसरी लहर में भी इसी गलती की वजह से बड़ी आबादी संक्रमण का शिकार हुई।

 

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बिना मास्क लगाए प्रदर्शन करते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
नए वैरिएंट से खतरा ज्यादा
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि रुस, चीन, इंग्लैंड, यूके सहित केरल, तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी कोरोना वायरस का नया वैरिएंट डेल्टा और डेल्टा प्लस तबाही मचा रहा है। जिले में भी दोनों वैरिएंट मिल चुके हैं। डेल्टा प्लस वैरिएंट से पीड़ित मरीज की मौत भी हो चुकी है। ऐसी स्थिति में अगर फिर से वायरस की दस्तक होती है तो यह वैरिएंट मिलने तय हैं। ऐसी स्थिति में अगर संक्रमण फैला तो स्थिति बेहद खराब होगी।

बाहर से आने वालों की जांच जरूरी
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि पूर्वांचल की बड़ी आबादी मुंबई, केरल सहित अन्य राज्यों में रहती है। दीपावली और छठ में लोग अपने घर जरूर आएंगे। चूंकि गोरखपुर बड़ा सेंटर हैं, ऐसे में यहां भीड़ अधिक होगी। ऐसी स्थिति में बाहर से आने वालों की जांच जरूरी है। अगर जांच नहीं होती है तो सही समय पर संक्रमण का पता नहीं चलेगा। जबकि इस बार जो भी संक्रमण होगा वह बड़ी तेजी से फैलेगा।
 
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रेती चौक की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
निजी पैथालॉजी में बाहर जाने वाले करा रहे हैं जांच
लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर के निदेशक डॉ. अमित गोयल ने बताया कि अब आरटीपीसीआर जांच का दायरा कम हो गया है। विदेश जाने वाले लोग ही अब आरटीपीसीआर जांच करा रहे हैं। प्रतिदिन 40 से 50 सैंपल जांच के लिए आ रहे हैं।  

सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा संक्रमण की रफ्तार अब बेहद कम हो गई है। एक्टिव केस केवल चार रह गए हैं। त्योहार को देखते हुए जांच का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। लोगों से अपील है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूर करें। दूसरे प्रांतों या कोविड प्रभावित जिलों से आने वाले लोग जांच जरूर कराएं।

 
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