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शहाना निशा मौत मामला: दरोगा की हुई जमानत, आत्महत्या के लिए उकसाने का है आरोपी

Fri, 03 Dec 2021 12:45 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

जमानत के बाद बेटे के साथ अपना सामान लेकर चला गया आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी दरोगा, दरोगा राजेंद्र सिंह को भेजा गया था जेल।
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आरोपी राजेंद्र सिंह व शहाना की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
शहाना निशा उर्फ सुहानी की मौत के मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेल में बंद दरोगा राजेंद्र सिंह को जमानत मिल गई। कोतवाली पुलिस और शहाना के परिजनों को बिना सूचना दिए ही दरोगा बुधवार को कमरे का ताला खुलवाकर, अंदर रखा अपना सामान उठा ले गया। मकान मालिक ने बताया कि सामान निकालने के बाद, दरोगा ने उससे शहाना के घरवालों से सामान ले जाने की बात बोलने को भी कहा।

मकान मालिक से सूचना मिलने पर बृहस्पतिवार को शहाना की मां तहरून्निशां बक्शीपुर स्थित शहाना के कमरे पर सामान ले जाने के लिए पहुंचीं। कमरे के अंदर बेटी का सामान देखकर वह भावुक हो गईं और रोने लगीं। कहा कि एक दिन बाद ही उनकी बेटी को मुंबई जाना था, लेकिन अचानक क्या हुआ कि बेटी की मौत हो गई। बताया कि कमरे के अंदर बाल के गुच्छे कपड़े में लिपटे पड़े हैं। फटे कपड़े भी कमरे के अंदर मिले।

 
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शहाना की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

पूरा सामान बिखरा हुआ है। उन्होंने शहाना के बैग को दिखाते हुए कहा कि इसी बैग में वैसे ही कपड़े अभी भी रखे हैं। आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की है, दरोगा के साथ कई लोगों ने मिलकर शहाना की हत्या कर दी। बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत भी पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।

 

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शहाना की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

तहरून्निशां के मुताबिक, मकान मालिक ने बुधवार को उन्हें इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वह भी अपना सामान वहां से ले जाएं। उसी के बाद शहाना की मां अपने परिवार के दो सदस्यों के साथ कमरे पर आईं थीं। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में पुलिस की तरफ से उनके या परिवार के किसी और सदस्य का कोई बयान नहीं लिया गया। मुकदमा कमजोर धाराओं में दर्ज किया, तभी इतनी जल्दी दरोगा को जमानत भी मिल गई। कहा कि अभी तक शहाना को इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रहीं थीं, लेकिन अब उनकी व परिवार के अन्य सदस्यों की जान पर आफत आ सकती है।

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शहाना मौत मामला - फोटो : अमर उजाला।

एसएसपी को दिया शिकायती पत्र

शहाना की मां तहरून्निशां ने एसएसपी को पत्र लिखकर भी शिकायत की है। लिखा कि उनकी तरफ से 17 अक्तूबर को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोपित राजेंद्र सिंह अपनी जमानत करवाकर क्वाटर का ताला खुद खुलवाकर सारे साक्ष्य मिटाने के बाद अपना सामान उठा ले गया। इसकी सूचना हमें या परिवार के किसी सदस्य को नहीं दी गई। पत्र में लिखा कि दरोगा धमकी देता है कि अगर अब कोई कार्रवाई की या पुलिस के पास गई तो बेटी के पास ही उसे भी भेज दिया जाएगा।


 

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शहाना मौत मामला - फोटो : अमर उजाला।

सुरक्षा के लिहाज से बंद करवाया था कमरा

कोतवाली थानाध्यक्ष कल्याण सिंह सागर ने बताया कि राजेंद्र सिंह द्वारा कमरा खोले जाने की सूचना नहीं है। हमने घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से कमरे में ताला लगवा दिया था। अब किसके कहने पर ताला खुला, जानकारी नहीं है।

 

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शहाना मौत मामला - फोटो : अमर उजाला।

किसकी अनुमति से सामान ले गए, चोरी का मुकदमा दर्ज होना चाहिए

दीवानी कचहरी के वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्णा नंद तिवारी ने बताया कि, घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षार्थ ही अगर ताला लगाया तो भी कमरे पर एक तरह से पुलिस का कब्जा हो गया। वैसे भी यह कमरा शहाना ने किराए पर लिया था। ऐसे में जमानत पर छूटने पर आरोपित को कोतवाली पुलिस से अनुमति लेकर ही दरवाजा खोलना चाहिए। अगर किसी की अनुमति नहीं थी और मनमाने तौर पर कमरा खोल लिया और सामान उठा ले गए तो यह गैरकानूनी गतिविधि है। इस हरकत पर दरोगा पर चोरी का मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है। यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। थानाध्यक्ष को खुद अपने स्तर से भी पूरे मामले की जांच करवाकर आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।
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