शहाना निशा उर्फ सुहानी की मौत के मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेल में बंद दरोगा राजेंद्र सिंह को जमानत मिल गई। कोतवाली पुलिस और शहाना के परिजनों को बिना सूचना दिए ही दरोगा बुधवार को कमरे का ताला खुलवाकर, अंदर रखा अपना सामान उठा ले गया। मकान मालिक ने बताया कि सामान निकालने के बाद, दरोगा ने उससे शहाना के घरवालों से सामान ले जाने की बात बोलने को भी कहा।
मकान मालिक से सूचना मिलने पर बृहस्पतिवार को शहाना की मां तहरून्निशां बक्शीपुर स्थित शहाना के कमरे पर सामान ले जाने के लिए पहुंचीं। कमरे के अंदर बेटी का सामान देखकर वह भावुक हो गईं और रोने लगीं। कहा कि एक दिन बाद ही उनकी बेटी को मुंबई जाना था, लेकिन अचानक क्या हुआ कि बेटी की मौत हो गई। बताया कि कमरे के अंदर बाल के गुच्छे कपड़े में लिपटे पड़े हैं। फटे कपड़े भी कमरे के अंदर मिले।