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दर्दनाक: एक साल पहले भी यहां की गई थी मासूम की बेरहमी से हत्या, शव देखकर रो पड़े थे अधिकारी

Fri, 20 Aug 2021 04:21 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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बलराम अपहरण हत्याकांड। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पिपराइच क्षेत्र के मटिहानिया सोमाली में पांच साल के गजेंद्र की हत्या से पूरे इलाके में हड़कंप मचा है। हत्या किसने और क्यों की, इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गईं हैं। बच्चे के पिता ने किसी दुश्मनी से इनकार किया है। फिलहाल, पुलिस हत्या की असली वजह तलाशने में उलझी है। बता दें कि ऐसी ही वारदात एक साल पहले भी जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र में हुई थी, जिसके बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी। यहां बदमाशों ने एक बच्चे का अपहरण कर उसे मौत के घाट उतारने के लिए सारी हदें पार कर दी थीं। बच्चे का शव देखकर परिवार के साथ-साथ अधिकारियों के भी आंसू नहीं थम रहे थे। उस घटना के बाद हर किसी के मन में अपने बच्चों को लेकर भय पैदा हो गया था। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए पूरी कहानी...
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बलराम अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
ये हुई थी घटना
घटना 26 जुलाई की है। जब जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र के महाजन गुप्ता का 14 साल का बेटा बलराम घर के बाहर दोस्तों के साथ खेलने निकला था और वापस नहीं लौटा। दोपहर तीन बजे पिता महाजन के मोबाइल पर एक फोन आया जो अपहरणकर्ता का था। उसने महाजन को बताया कि बलराम का अपहरण कर लिया गया है। उसे छुड़ाने के लिए एक करोड़ रुपये का इंतजाम कर लो। रकम कब और कहां पहुंचानी है, इस बारे में बताया जाएगा।
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बलराम अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
महाजन ने उस नंबर पर दोबारा फोन किया तो वह स्विचऑफ मिला। महाजन को अपने बेटे के अपहरण की बात पर भरोसा नहीं हुआ, उन्होंने अपने बेटे की गांव में तलाश की। लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद शाम पांच बजे पुलिस को सूचना दी गई थी। गुलरिहा, पिपराइच, सीओ चौरी चौरा, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीम ने गांव पहुंचकर लोगों से जानकारी जुटाने का प्रयास किया था।

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बलराम अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
रात नौ बजे थे। जब आखिरी बार अपहरणकर्ताओं का फोन आया और बलराम के पिता महाजन ने बीस लाख रुपये देने की हामी भी भर दी थी। मगर, तब तक अपहरण करने वालों को संदेह हो गया था कि वे पकड़े जाएंगे और शायद इसी वजह से उन्होंने बलराम को मौत के घाट उतार दिया था। बता दें कि बलराम के अपहरण और हत्या में बदमाशों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थीं।
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छात्र बलराम गुप्ता - फोटो : अमर उजाला।
हत्या से पहले बलराम को यातना दी गई थीं। दोनों हाथ पीछे उठाकर तोड़ दिए गए थे। गर्दन भी टूटी थी। सिर को निर्ममता से कूंचा गया था। हत्या के बाद शव सीमेंट की बोरी में ठूंस दिया था। बोरी में डालने से पहले पैर को जोर देकर मोड़ा गया था। बलराम का शव एक नाले से बरामद किया गया था। शव बोरे से निकाला गया तो एक बार पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ के लोगों की रूह कांप गई थी। कइयों की आंखों से आंसू निकल आए थे।
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बलराम अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
किशोर बलराम के अपहरण और हत्या में उसके गांव के आसपास के ही लोग शामिल थे। इसमें हसनगंज जंगलधूसड़ का एक मोबाइल विक्रेता भी शामिल था। मोबाइल विक्रेता ने ही फर्जी नाम, पते पर सिम दिया था। फिरौती मांगने में इसी सिम का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने सबूतों के आधार पर मोबाइल विक्रेता समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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