उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में मासूम का अपहरण और हत्या करने के मुख्य आरोपी पिपराइच के जंगल धूसड़ हसनगंज महुआबारी निवासी अजय कुमार गुप्ता के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की गई है। आरोपी वर्तमान समय में जेल में है। पुलिस का कहना है कि एक अन्य आरोपी पर भी जल्द ही रासुका की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई 2020 को जंगल छत्रधारी गांव के मिश्रौलिया टोला निवासी किराना व्यापारी महाजन गुप्ता के पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले 14 साल के बेटे बलराम का अपहरण किया गया था। बलराम के पिता से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। बाद में अपहरणकर्ताओं ने बच्चे की हत्या कर शव को बोरे में भरकर फेंक दिया था। पुलिस ने जंगल तिनकोनिया के पास स्थित ताल से बच्चे के शव को बरामद करने के बाद आरोपी अजय कुमार गुप्ता, दयानंद, मुन्ना चौहान समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था।
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मृतक के पिता (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला।
पुलिस के अनुसार, डेढ़ लाख का कर्ज चुकाने के लिए अपहरण कर फिरौती मांगने की साजिश रची गई थी। अजय गुप्ता ही स्कूटी से बच्चे के घर के पास गया। उसने बाहर खेल रहे बलराम का घुमाने के बहाने अपहरण कर लिया। पहचाने जाने के डर से आरोपियों ने उसी दिन बलराम की हत्या कर दी। इसके बाद घरवालों से फिरौती की रकम मांगी थी।
बता दें कि बलराम के अपहरण और हत्या में बदमाशों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थीं। हत्या से पहले बलराम को यातना दी गई थी। दोनों हाथ पीछे उठाकर तोड़ दिए गए थे। गर्दन भी टूटी थी। सिर को निर्ममता से कूंचा गया था। हत्या के बाद शव सीमेंट की बोरी में ठूंस दिया था। बोरी में डालने से पहले पैर को जोर देकर मोड़ा गया था। शव बोरे से निकाला गया था तो एक बार पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ के लोगों की रूह कांप गई थी। कइयों की आंखों से आंसू निकल आए थे।
इस संबंध में थानेदार दिनेश मिश्रा ने बताया कि बच्चे के अपहरण व हत्या के मुख्य आरोपी पर रासुका की कार्रवाई की गई है। जल्द ही एक अन्य आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी।