गोरखपुर जिले के गगहा इलाके के जगदीशपुर भलुआन गांव में काजल की गोली मारकर हत्या करने का मुख्य आरोपी विजय प्रजापति पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस से घिरता देख अपराधी विजय फायरिंग कर भाग रहा था। फायरिंग में घायल होने के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गगहा के इस बदमाश पर एक लाख रुपये का इनाम था।
ये हुई थी घटना
काजल के पिता राजू नयन सिंह बांसगांव कचहरी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उनका विजय प्रजापति से रुपये के लेनदेन का विवाद था। जानकारी के मुताबिक, 20 अगस्त की रात विजय प्रजापति अपने चार साथियों के साथ आया और दरवाजा खुलवाया। राजू नयन के बाहर आते ही दबंगों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। काजल पिता की पिटाई का वीडियो बनाने लगी। इस पर विजय प्रजापति उग्र हो गया और उसे दौड़ाकर पेट में गोली मार दी थी। गोली की आवाज सुनकर पहुंचे लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस घायल काजल को स्वास्थ्य केंद्र फिर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। अधिक रक्तस्राव होने के कारण मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था। लखनऊ में काजल का ऑपरेशन भी हुआ, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। पेट में फंसी गोली को नहीं निकाला जा सका और 25अगस्त को उसकी मौत हो गई।
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काजल गोलीकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
'पापा... मैं मरना नहीं चाहती'
गोली लगने से घायल काजल को जब उसके पिता एंबुलेंस से लेकर लखनऊ जा रहे थे तो उसने ऐसी बात कही थी जिसे याद कर पिता राजू नयन सिंह रोने लगते हैं। वैसे तो मरना कोई नहीं चाहता है मगर काजल को जब गोली लगी थी तो उसे यह लगने लगा था कि उसकी मौत हो जाएगी। घायल काजल को जब उसके पिता एंबुलेंस से लेकर लखनऊ जा रहे थे उस वक्त काजल ने अपने पिता से कहा 'पापा कुछ करिए कहीं तो मेरा ऑपरेशन करा दीजिए ताकि मैं बच जाऊं, मैं अभी... मरना नहीं चाहती'। उसकी यह बात सुनने के बाद माता-पिता उसे बहुत समझाने की कोशिश किए और बताए कि बेटा लखनऊ में तुम्हारा बेहतर इलाज होगा, तुम्हारी जान बच जाएगी। इस दिलासा ने बहादुर काजल को काफी हिम्मत दी थी और वह चंद मिनट के लिए मुस्कुराई थी।
गोली लगने से घायल काजल व उसके पिता।
- फोटो : अमर उजाला।
दरोगा ने खून देकर जान बचाने की कोशिश की थी
काजल के परिजनों के साथ अस्पताल गए गगहा थाने के दरोगा अमित चौधरी ने भी उसकी जान बचाने के लिए भरपूर कोशिश की थी। उन्होंने रक्तदान भी किया था, ताकि उसका ऑपरेशन सफल हो सके, पर तमाम कोशिशें बेकार हो गईं जब काजल ने आखिरी सांस ली।
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काजल हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
पिता बोले-सोचा था डॉक्टर बनाऊंगा, आज क्रियाकर्म कर रहा हूं
बता दें कि बीते मंगलवार को राजू नयन सिंह ने बेटी काजल का ब्रह्मभोज किया। इस दौरान पहुंचे करणी सेना के लोगों ने कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई थी। सेना के नेताओं ने कहा था कि हत्यारे का एनकाउंटर कर देना चाहिए। वहीं पिता राजू नयन सिंह फफक पड़े थे। उन्होंने कहा कि सोचा था कि काजल बेटी को डॉक्टर बनाऊंगा और आज उसका क्रियाकर्म कर रहा हूं।
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काजल गोलीकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
बढ़ाई गई थी इनाम की राशि
बता दें कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहले एसएसपी ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर पांच टीमें लगाई थीं। डीआईजी ने दोनों मुख्य आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर एडीजी ने इनाम की राशि बढ़ा दी थी। दोनों मुख्य आरोपियों पर इनाम की राशि एक-एक लाख कर दी गई थी।
एक इनामी की हो चुकी है गिरफ्तारी
हत्या में शामिल आरोपी हरीश को पुलिस ने 2 सितंबर को जगदीशपुर भलुआन निर्माणाधीन अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया था। हरीश बांसगांव में अपने अधिवक्ता से कोर्ट में हाजिर होने के लिए मिलने आया था। इसी बीच पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक लाख रुपये के इनामी हरीश को दबोच लिया था। तलाशी में उसके पास से एक तमंचा, एक कारतूस, 2550 रुपये बरामद हुए थे। हरीश हाशिम पुरा, थाना देवबंद, जनपद सहारनपुर का निवासी है।