यूपी और बिहार में 90 के दशक में श्रीप्रकाश शुक्ला के नाम से लोग कांपते थे। उस समय लोग इसे मौत का सौदागार बुलाते थे। 25-26 साल के इस डॉन से पुलिस के साथ बड़े-बड़े अपराधी भी खौफ खाते थे। यह वह दौर था जब लोग देशी कट्टा से गुंडागर्दी करते थे, ऐसे समय में श्रीप्रकाश के पास एके-47 थी। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें इसके आंतक की कहानी...