फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

एक ही परिवार के सात लोगों को तड़पा-तड़पा कर की गई थी हत्या, पड़ोसियों को भी नहीं लगी थी भनक

Tue, 09 Feb 2021 05:23 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
1 of 6
एक ही घर में सात लोगों की हुई थी हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
आज हम आपको अपराध की एक ऐसी सच्ची घटना के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसे जानकर आपको हैरानी होगी। इस घटना ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया था। यह उस काली रात की खौफनाक कहानी है, जब एक ही परिवार के सात लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घटना में एक अकेली जिंदा बची थी मासूम बच्ची, जिसको हत्यारों ने मृत समझकर छोड़ दिया था। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए पूरी कहानी...

2 of 6
एक ही घर में सात लोगों की हुई थी हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
घटना 20 नवंबर 2001 की है। इस कत्लेआम में मारे गए लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कातिलों की बर्बरता का खुलासा हुआ था। पुलिस की जांच रिपोर्ट भी चौंकाने वाली थी। वारदात को अंजाम देने वालों में उन लोगों का नाम आया था, जिनको इन लोगों ने भोजन खिलाकर पेट भरा था।

3 of 6
crime360 - फोटो : अमर उजाला।
लगभग 19 साल पहले गोरखपुर शहर के रूस्तमपुर के शिवाजी नगर कॉलोनी में बैंककर्मी राकेश राय के परिवार के सात लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। बेरहमी ऐसी कि देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। तीन मासूम बच्चों को दीवार पर पटक-पटक कर मारा गया था। अगली सुबह जब छठ पर्व को लोग घरों से निकले और राकेश राय के घर का खुला दरवाजा देखकर जो भी अंदर गया उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पड़ोसी अमित सिंह बताते हैं कि यकीन मानिए बच्चों की लाश देखकर गश आ गया था। बस एक ही सवाल था, कौन हो सकता है, इतना बड़ा दरिंदा?

4 of 6
एक ही घर में सात लोगों की हुई थी हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
इन सब के बीच एक कोने पर राकेश की बेटी पड़ी थी। सिर से खून बह रहा था, सांसें उखड़ी-उखड़ी चल रही थी। किसी की हिम्मत नहीं थी कि वह उसके पास तक जा सके। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसको अस्पताल में भर्ती कराया। सिर पर चोट आने की वजह से होश आने में भी लंबा समय लग गया था। कई महीनों तक वह सदमे में रही।

5 of 6
एक ही घर में सात लोगों की हुई थी हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
मौत को खुद बुलाया था
पुलिस की जांच में सामने आया था कि बदमाश वारदात के लिए जगह चिह्नित करने दोपहर में राकेश के घर भीख मांगने के बहाने गए थे। भूखा समझकर उनकी पत्नी ने घर में दो लोगों को बुलाकर भर पेट भोजन कराया था तब उन्हें भी नहीं पता था कि जिसे वह निवाला दे रही हैं वहीं रात में उन्हें और परिवार को मौत के घाट उतार देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
एक ही घर में सात लोगों की हुई थी हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
बेबस भरी नजरों से बच्चों की मौत को देखा था परिवार
पोस्टमार्टम में जो जिक्र था उसके मुताबिक राकेश को मारने के बाद बच्चों को मारा गया था फिर परिवार के अन्य सदस्यों को मौत के घाट उतारा गया था। उस समय को सोचिए जब सिर पर मौत खड़ी हो मालूम हो कि मरना ही है और सामने ही छोटे छोटे बच्चों को बेरहमी से मारा जा रहा हो। मौत से पहले की क्रूरता ने उस परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया था। बाद में होश में आई बेटी ने भी इसकी पुष्टि की थी कि हम लोगों के सामने ही बच्चों को मारा गया था।
और पढ़ें...
Next
AU ऐप में पढ़ें