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नई बीमारी: यूपी में पहली बार मिला कोरोना का कप्पा वैरिएंट, मचा हड़कंप

Thu, 08 Jul 2021 10:18 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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कोरोना संक्रमण वैरिएंट की जांच करती एक्सपर्टों की टीम। - फोटो : PTI
यूपी में कप्पा वैरिएंट पहली बार मिला है। इस वैरिएंट को वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट घोषित किया जा चुका है। वहीं, कोरोना वायरस के नए स्वरूप, डेल्टा, डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट की पुष्टि के बाद शासन ने पूरे मामले की जानकारी बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मांगी है। संक्रमितों का नाम पता सहित पूरा ब्योरा तलब किया गया है।   

माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि कोरोना का कप्पा वैरिएंट यूपी में पहली बार मिला है। इसके बी.1.617 वंश के म्यूटेशन से ही पैदा हुआ है, जो डेल्टा वैरिएंट के लिए भी जिम्मेदार है। बी.1.617 के एक दर्जन से ज्यादा म्यूटेशन हो चुके हैं। इनमें से दो खास हैं- ई484क्यू और एल452आर, इसलिए इस वैरिएंट को डबल म्यूटेंट भी कहा जाता है। जैसे-जैसे यह विकसित होगा, बी.1.617 की नई वंशावली तैयार होगी। बी.1.617.2 को डेल्टा वैरिएंट के नाम से जाना जा रहा है, जोकि भारत में कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसके अन्य वंश बी.1.617.1 को कप्पा कहा जाता है। इसे अप्रैल में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट घोषित किया है।

 
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कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टा प्लस - फोटो : iStock
वैरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित किया जा चुका है डेल्टा प्लस को
कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट बेहद खतरनाक माना जा रहा है। इसे हाल ही में भारत में वैरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित किया गया है। इसका अर्थ यह है कि यह वह स्वरूप है, जो बहुत घातक है। देश के कई राज्यों में इसके मामले सामने आ चुके हैं। इसकी वजह से कई मरीजों की मौत हो चुकी है। यूपी में संभवत: डेल्टा प्लस का पहला मामला गोरखपुर में मिला है।

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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : पीटीआई
डेल्टा प्लस के एक मरीज की हो चुकी है मौत
डेल्टा प्लस के दो मरीजों में से एक की मौत हो चुकी है। यह मरीज देवरिया का रहने वाला था। उसकी उम्र 66 साल थी। वह 17 मई को पॉजिटिव हुआ था। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गंभीर हाल में परिजनों ने मई में भर्ती कराया था। जून माह में उसकी मौत हो गई। मौत से पहले माइक्रोबॉयोलॉजी की टीम ने नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया था। मृत मरीज की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं मिल सकी थी।  

 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एमबीबीएस की छात्रा में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिला
डेल्टा प्लस की दूसरी मरीज 23 साल की एमबीबीएस की छात्रा है। वह बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई करती है। लखनऊ की रहने वाली है। छात्रा 26 मई को पॉजिटिव हुई थी। पॉजिटिव होने के बाद जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए उसका नमूना मई में ही लिया गया था। हालांकि छात्रा पूरी तरह से ठीक हो चुकी है। डेल्टा प्लस वैरिएंट की जानकारी छात्रा को दी गई है। वह लखनऊ में है।

 
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बीआरडी। - फोटो : अमर उजाला
गंभीर मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे थे
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि जिन लोगों के नमूने जीनोम सीक्वेसिंग की जांच के लिए भेजे गए थे, वह गंभीर मरीजों के थे। मरीजों की सीटी वैल्यू 25 से कम थी। इनमें कई ऐसे भी थे, जिनको कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है।

 
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सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
115 सैंपल भेजा गया जांच के लिए, जून माह की रिपोर्ट का इंतजार
माइक्रोबायोलॉजी और आरएमआरसी (रिजिनल मेडिकल रिसर्च सेंटर) ने जीनोम सीक्वेसिंग के लिए 115 बार सैंपल जांच के लिए भेजा था। हर बार सैंपलों की जांच नहीं हो पा रही थी। इस वजह से कोरोना के वायरस के नए वैरिएंट की जानकारी नहीं हो पा रही थी। अप्रैल और मई के बाद जून माह में भी 30 सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। जून में लिए गए सैंपल की रिपोर्ट अभी आनी है।  

माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने कहा कि तीस मरीजों के जीनोम सीक्वेसिंग की रिपोर्ट आईजीआईबी ने जारी की है। इनमें 27 मरीजों में डेल्टा, दो मरीजों में डेल्टा प्लस और एक मरीज में डेल्टा के कप्पा वैरिएंट की पुष्टि हुई है। इन लोगों के सैंपल अप्रैल और मई में जांच के लिए भेजे गए थे।
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