उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पिछले पांच दिनों के आंकड़ों को देखा जाए तो कोरोना से संक्रमित होने वालों की संख्या तीन सौ से कम है, लेकिन मरने वालों की संख्या दहाई से कम नहीं हो रही है। 18 मई को 281 लोग संक्रमित मिले थे, लेकिन 18 मरीजों की मौत हुई थी। इसी तरह 22 मई को 180 लोग संक्रमित मील थे, जबकि 19 मरीजों की मौत हुई थी। कोरोना की पहली लहर में 1.3 फीसदी रहने वाली मृत्यु दर दूसरी लहर के 53 दिनों में 3.6 फीसदी तक पहुंच गई है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की तीव्रता कम होने के बावजूद मृत्यु दर का कम नहीं होना चिंता का सबब बन गया है। खास बात यह है कि इस समय अस्पतालों में न तो बेड की कमी है न ही ऑक्सीजन की। दवाइयों की भी कोई किल्लत नहीं है। सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में करीब छह सौ बेड खाली हैं। वेंटिलेटर और बाइपैप कि भी चुनौती नहीं है। फिर भी कोविड के निजी कर सरकारी अस्पतालों में मरने वालों की संख्या कम नहीं हो रही है। इससे चिंतित स्वास्थ्य महकमा अब एसजीपीजीआई और केजीएमयू लखनऊ के विशेषज्ञों की मदद लेने का प्रयास कर रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण की तीव्रता ज्यादा होने के कारण अधिक लोगों की मौत हो रही है। दूसरी लहर में गम्भीर रूप से संक्रमित व्यक्ति को उबरने में 20 दिन से अधिक दिन लग रहे हैं। जबकि पहली लहर में गम्भीर संक्रमित 10 दिनों में ठीक हो जा रहे थे। इस साल अप्रैल माह में कोरोना के सबसे ज्यादा केस मिले हैं और सबसे ज्यादा मौतें भी हुई हैं। एक दिन में रिकॉर्ड 1440 केस मिले और 30 से अधिक लोगों की मौत हुई। मई माह में संक्रमितों की संख्या कम हुई तो स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली, लेकिन मौतों में कमी नहीं होना चिंता का विषय बन गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
52 दिनों में 252 मौत
कोरोना की पहली लहर में विभाग ने पिछले साल से लेकर इस साल 31 मार्च तक 367 मौत पोर्टल पर दर्ज की थी। इसके बाद एक अप्रैल से लेकर 22 मई तक 252 मौत पोर्टल पर दर्ज की गई है। जबकि बीआरडी में जो भी मौतें हुई हैं, उनमें कई जिलों के लोग शामिल रहे हैं। इन मौतों में अधिकतर मौतें पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई हैं। हालांकि विभाग धीरे-धीरे इन मौतों को पोर्टल पर अपलोड कर रहा है।
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बीआरडी के प्रभारी प्राचार्य डॉ. पवन प्रधान।
- फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ पवन प्रधान ने बताया कि दूसरी लहर में कोरोना वायरस का हमला बसजूत तेज है। इस बार मरीजों को उबरने में 20-25 दिन का समय लग रहा है। बीआरडी में जो भी मरीज आ रहे हैं, उनकी स्थिति बेहद गम्भीर होती है। इस वजह से मौत अधिक हो रही है। कुछ दिनों में मौतों की संख्या में कमी आ जायेगी।