कोच चंद्रविजय सिंह के साथ बजरंग पूनिया।
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कैंप में वे प्रतिदिन सुबह तीन से साढ़े तीन घंटे वार्मअप, जिम व स्प्रिंट करते हैं। उसके बाद शाम को मैट पर करीब तीन घंटे तक अभ्यास करते हैं। सुबह या शाम को इतने कड़े अभ्यास के बाद भी उनके चेहरे, शरीर या हाव-भाव पर कहीं भी थकान नहीं दिखता। रेलवे की ओर से खेलने वाले बजरंग ने वर्ष 2013 विश्व चैंपियनशिप के दौरान मुलाकात हुई थी। तब उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। उस जीत के बाद उन्होंने पलटकर नहीं देखा।