कोरोना महामारी की दूसरी लहर में संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुके कुछ मरीजों के फेफड़े बदलने की नौबत आ गई है। ऐसे मरीजों में लंग्स फाइब्रोसिस की समस्या देखने को मिली है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 11 मरीज ऐसे हैं, जो निगेटिव होने के बाद भी भर्ती हैं। इनमें तीन की स्थिति बेहद गंभीर है। इन्हें एसजीपीजीआई रेफर करने की तैयारी है।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित हुए 90 प्रतिशत मरीजों के फेफड़ों पर खतरनाक असर पड़ा है। ऐसे कई मरीजों की मौत बीआरडी से लेकर निजी अस्पतालों में हो चुकी है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि कोरोना से ठीक हो चुके कई लोग फेफड़ों की समस्या लेकर ओपीडी में आ रहे हैं। विज्ञान की भाषा में इसे लंग्स फाइब्रोसिस कहते हैं। ऐसे मरीजों का इलाज बेहद महंगा है।