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इसके तहत उन महिलाओं पर शोध होना है, जो शादी के बाद संक्रमित हुईं और ठीक हो चुकी हैं। लेकिन, उनका गर्भ रुक नहीं रहा है। माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि इसके तहत यह पता लगाया जाएगा कि कहीं कोरोना वायरस की वजह से गर्भ रुकने में परेशानी तो नहीं आ रही है। अगर ऐसा होगा तो यह पूरे देश के लिए बड़ा मामला होगा। अब तक पूर्वांचल में इस तरह के शोध नहीं हुए हैं।