कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले खून (ब्लड टेस्ट) की जांच से मरीजों की गंभीरता का पता लगाया जाएगा। कुछ जरूरी खून की जांच से यह पता किया जा सकता है कि मरीजों को ऑक्सीजन या आईसीयू की जरूरत है या नहीं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने इसे लेकर रणनीति तैयार की है। कोविड संदिग्ध मरीजों की सीरम फेरेटिन, फाइब्रिनोजेन जैसी जांच का फैसला लिया है।
जानकारी के मुताबिक बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. महिम मित्तल ने बताया कि दूसरी लहर में गंभीर मरीजों की ब्लड जांच कराई गई थी। उनके खून के सैंपल लिए गए थे। सैंपल लेकर सीरम फेरिटिन, सीरम एलडीएच, सीआरपी, फाइब्रिनोजन जैसे जांच कराए गए। जांच में गंभीर मरीजों में इनकी मात्रा काफी बढ़ी हुई मिली। इसके बाद स्थिति के अनुसार मरीजों को ऑक्सीजन और आईसीएयू में भर्ती करना पड़ा था।