सामान्य तौर पर गोरखपुर समेत पूरे पूर्वांचल में सुनहरे रंग के गेहूं की खेती होती है, लेकिन अब यहां काले रंग के गेहूं की खेती भी शुरू हो गई है। चौरीचौरा के झंगहा इलाके के अमहिया नामक गांव में कई किसानों ने इस प्रजाति के गेहूं की खेती शुरू की है। गेहूं की इस प्रजाति में न सिर्फ जिंक, आयरन समेत कई अन्य तरह के पोषक तत्व हैं, बल्कि शुगर, ब्लड प्रेशर, गठिया, मोटापा आदि रोगों के नियंत्रण में भी यह काफी फायदेमंद होता है। सामान्य गेहूं की तुलना में यह तीन से चार गुना तक ज्यादा महंगा है, यानि किसानों के लिए भी काफी फायदेमंद है।