संक्रमित मरीजों को अगर आंखों में दिक्कत हो रही है तो वे इलाज के लिए तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें वरना, उनकी आंखें खराब हो सकती हैं। खास तौर पर ब्लैक फंगस के मरीजों को सबसे ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है।
किसी लापरवाही पर ब्लैक फंगस के शिकार मरीजों की आंखों की रोशनी जाने तक का खतरा है। ऐसे मरीजों को डॉक्टरों की सलाह है कि संक्रमण से बचें और समय-समय पर आंखों की जांच कराते रहें। अगर लापरवाही हुई तो रोशनी जा सकती है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दूसरी लहर के बाद 100 से अधिक मरीजों का ब्लैक फंगस का ऑपरेशन हुआ था।