स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो चुकी गोरखपुर की आबोहवा आसपास के जिलों में बारिश की वजह से बेहतर हो गई है। दीपावली के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार एक पखवारे तक 300 के ऊपर दर्ज किया जा रहा था, वह रविवार को बेहतर होकर 162 दर्ज किया। मौसम विशेषज्ञों के अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने इस राहत भरी खबर की वजह से राहत की सांस ली।
दीपावली के बाद गोरखपुर में हवा की गुणवत्ता काफी खराब हो गई थी। दिल्ली में जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स करीब 400 पहुंचने के बाद स्कूलों को बंद कर दिया गया था, वहीं गोरखपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार जाने पर डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर में निर्माण करा रहे विभिन्न विभागों को निर्माण स्थलों पर छिड़काव का निर्णय लिया गया। इसके बाद नगर निगम की ओर से शहर के विभिन्न इलाकों में स्प्रेइंग मशीन और टैंकर से पानी का छिड़काव किया गया। इसकी वजह से पिछले दो दिनों से शहर में हवा की गुणवत्ता में सुधार होता चला गया। रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स सुधरकर 162 दर्ज किया गया। हालांकि गोरखपुर के आसपास के जिलों की हवा की गुणवत्ता में मामूली सा ही सुधार दर्ज किया गया।
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गोरखपुर में लगा जाम।
- फोटो : अमर उजाला।
यह है विभिन्न शहरों का प्रदूषण स्तर
गोरखपुर 162
वाराणसी 190
कानपुर 280
लखनऊ 224
प्रयागराज 221
पटना 307
नोएडा 313
गुरुग्राम 360
गाजियाबाद 311
दिल्ली 344
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मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि गोरखपुर के आसपास के जिलों में शनिवार को हल्की बारिश होने और पछुवा हवा चलने की वजह से गोरखपुर में हवा की गुणवत्ता बेहतर हुई है। हालांकि शहर में जहां भी निर्माण कार्य हो रहे हैं, उन इलाकों में पानी का छिड़काव लगातार होते रहना चाहिए।
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गोरखपुर नगर निगम शहर में जगह-जगह पानी का छिड़काव करा रहा है।
- फोटो : अमर उजाला।
नगर निगम की ओर से तीसरे दिन भी जारी रहा पानी का छिड़काव
हवा के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम की ओर से तीसरे दिन भी शहर के विभिन्न इलाकों में पानी का छिड़काव कराया गया। नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि नगर निगम द्वारा दिन एवं रात में भीड़भाड़ वाले एवं व्यावसायिक स्थलों पर पानी का छिडकाव कराया जा रहा है। डिवाइडरों और पेड़ों तथा ऊंची इमारतों पर पानी का छिड़काव कराया गया। इसके अलावा महापुरूषों की मूर्तियों आदि की भी धुलाई कराई जा रही है। प्रतिदिन टैंकर वाहन एवं स्प्रेइंग मशीनयुक्त वाहनों के द्वारा पानी का छिड़काव कराया गया।
जाम में गाड़ी का इंजन कर दें बंद
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने जनता से अपील की कि अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों के इंजन जाम की स्थिति में बंद कर दें तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों भी धुआं छोड़ने वाले जेनरेटरों का उपयोग न करें। वायु प्रदूषण फैलाने वाले यंत्रों का प्रयोग कम से कम करें ताकि वायु प्रदूषण पर नियन्त्रण करने के लिए नगर निगम द्वारा किये जा रहे प्रयासों को बल प्राप्त हो सके।