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Chandu Champion: कौन हैं पद्मश्री विजेता मुरलीकांत पेटकर? जिनके जीवट पर बनी कार्तिक की 'चंदू चैंपियन'

Sun, 19 May 2024 11:23 AM IST
आकांक्षा गुप्ता एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

कार्तिक ने फिल्म मुरलीकांत पेटकर की जबर्दस्त भमिका निभाई है। ऐसे में चलिए इस लेख में जानते हैं कि आखिर मुरलीकांत पेटकर कौन थे, जिनका किरदार निभाकर कार्तिक सुर्खियों में बने हुए हैं। मुरलीकांत का जन्म 1 नवंबर 1944 को महाराष्ट्र के सांगली के पेठ इस्लामपुर क्षेत्र में हुआ था। 
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मुरलीकांत पेटकर, चंदू चैंपियन - फोटो : ट्विटर
बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'चंदू चैंपियन' की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। दर्शकों को भी इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है। बीते दिन मेकर्स ने फिल्म का जबर्दस्त ट्रेलर लॉन्च किया। ट्रेलर में कार्तिक की शानदार अदाकारी ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। उन्होंने इस फिल्म में अपनी भूमिका के लिए कड़ी मेहनत की है, जिसका परिणाम फिल्म के ट्रेलर में दिखाई दिया। 
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चंदू चैंपियन - फोटो : यूट्यूब
कबीर खान के निर्देशन में बनी फिल्म 'चंदू चैंपियन' फ्रीस्टाइल तैराकी में भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर के जीवन पर आधारित है। कार्तिक ने फिल्म में मुरलीकांत का किरदार निभाया है। फिल्म में अपने किरदार के लिए कार्तिक ने जबर्दस्त बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन किया है। यह फिल्म 14 जून 2024 को रिलीज होने वाली है। 
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मुरलीकांत पेटकर - फोटो : ट्विटर
कार्तिक ने फिल्म मुरलीकांत पेटकर की जबर्दस्त भमिका निभाई है। ऐसे में चलिए इस लेख में जानते हैं कि आखिर मुरलीकांत पेटकर कौन थे, जिनका किरदार निभाकर कार्तिक सुर्खियों में बने हुए हैं। मुरलीकांत का जन्म 1 नवंबर 1944 को महाराष्ट्र के सांगली के पेठ इस्लामपुर क्षेत्र में हुआ था। वह भारतीय सेना में इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियर्स कोर में क्राफ्ट्समैन रैंक के जवान थे। सेना में रहते हुए उन्होंने मुक्केबाजी का अपना शौक पूरा किया और भारतीय सेना कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर में भर्ती हो गए।

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चंदू चैंपियन - फोटो : सोशल मीडिया
मुरलीकांत को 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ हुए युद्ध में नौ गोलियां लगी थीं, जिससे वह अपाहिज हो गए थे। इसके बाद उन्होंने तैराकी में जाने का फैसला किया। उन्होंने जर्मनी के हीडलबर्ग में 50 मीटर फ्रीस्टाइल में 37.33 सेकंड के समय के साथ इतिहास रचा। उन्होंने भाला फेंक और स्लैलम में भी हिस्सा लिया। पेटकर तीनों स्पर्धाओं में फाइनलिस्ट रहे।
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मुरलीकांत पेटकर - फोटो : ट्विटर
उन्हें 1968 में इजराइल के तेल अवीव में पैरालिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था। इस दौरान मुरलीकांत पेटकर टेबल टेनिस में दूसरे स्थान पर रहे थे। बाद में उन्हें पुणे में टेल्को द्वारा नियुक्त किया गया। इस दौरान उनकी उम्र 50 वर्ष के थी। साल 2018 में मुरलीकांत पेटकर को पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। 

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