मशहूर निर्माता और स्क्रिप्ट राइटर कनिका ढिल्लों शक्तिशाली महिला किरदार गढ़ने के लिए जानी जाती हैं। बता दें कि 24 अगस्त को वह अपना 40वां जन्मदिन मनाएंगी। कनिका ने ‘हसीन दिलरुबा’ और ‘फिर आई हसीन दिलरुबा’ में तापसी पन्नू के किरदार को लिखा है। उन्होंने ‘गिल्टी’ में कियारा आडवाणी के साहसिक किरदार की रचना भी की है। उनका काम यह दिखाता है कि उनकी कहानियों में महिलाओं को सशक्त करने की बुलंद आवाज है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कनिका अपने साथ काम करने वालों को जो सलाह देती हैं वह दो चीजों 'लचीलापन' और 'एकजुटता' पर आधारित है। वह कहती हैं, ‘मैं अपनी महिला सहकर्मियों से कहती हूं, चाहे कुछ भी हो जाए, आपको अगले दिन काम पर आना ही होगा। काम करने की जगह पर चाहे कितनी भी बाधा या अपमान या पक्षपात क्यों न हो। उन्हें जीतने न दें। और, मेरा मानना है कि जब मजबूत महिलाएं एक साथ आती हैं तो जादू होता है। हमें एक-दूसरे का साथ देना चाहिए।’
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कनिका ढिल्लों
- फोटो : इंस्टाग्राम @kanika.d
कनिका उन महिलाओं की भूमिका को स्वीकार करती हैं, जो वर्तमान समय में बदलाव लाने के लिए प्रयास कर रही हैं, लेकिन उनका मानना है कि यह सिर्फ उनकी जिम्मेदारी नहीं है। वह कहती हैं, ‘हम जिस माहौल में हैं, उसे देखते हुए, पुरुषों को आगे आकर बहुत ज्यादा जिम्मेदारी लेने की जरूरत है। वह आगे कहती हैं, 'उन्हें अब काम करने की जरूरत है। वह सिर्फ यह कहकर नहीं बैठ सकते कि 'हम आपसे सहमत हैं और महिलाओं के साथ सहानुभूति रखते हैं।' उन्हें महिलाओं के लिए माहौल को ज्यादा सुरक्षित बनाने की जरूरत है।’
इसे ‘पितृसत्तात्मक’ समाज कहते हुए, कनिका कहती हैं कि सिर्फ सहानुभूति ही काफी नहीं है। वह चाहती हैं कि सभी एक साथ आएं। कनिका का कहना है कि पुरुषों को यौन-विरोधी और बलात्कार-विरोधी कानूनों के लिए महिलाओं के साथ एकजुट होना होगा। इस पर पुरुषों और महिलाओं को मिलकर काम करना होगा। खूबसूरत तस्वीरों के साथ शमा ने लिखी ये सुंदर कविता